सैलरी तो आती है लेकिन..., कौन हैं रिंकू सिंह राही? जिन्होंने IAS की नौकरी से दे दिया इस्तीफा

Ajay Singh लाइव हिन्दुस्तान
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एक आईएएस अधिकारी के यूं इस्तीफा दे देने की खबर से यूपी की ब्यूरोक्रेसी और आम लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। पूछा जाने लगा कि आखिर कौन हैं रिंकू सिंह राही? और ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने इतना बड़ा फैसला लिया। आखिर उन्होंने सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली IAS की नौकरी क्यों छोड़ दी?

सैलरी तो आती है लेकिन..., कौन हैं रिंकू सिंह राही? जिन्होंने IAS की नौकरी से दे दिया इस्तीफा

UP News: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एक चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पता चला कि रिंकू तैनाती न मिलने से नाराज थे। यूपी कैडर के आईएएस रिंकू सिंह राही ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से न तो पोस्टिंग दी जा रही थी और न ही कोई गरिमापूर्ण काम सौंपा जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने लिखा कि वे संबद्ध हैं, लेकिन उन्हें जनसेवा का मौका नहीं दिया गया। राही को शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए एक घटनाक्रम के दौरान वकीलों के सामने उठक-बैठक करने के बाद राजस्व परिषद से अटैच कर दिया था। राही का कहना है कि हालांकि उन्हें वेतन (Salary) मिलता रहा, लेकिन काम करने और जनसेवा के अवसर से वंचित रखा गया। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताते हुए इस्तीफा दिया।

एक आईएएस अधिकारी के यूं अपनी नौकरी से इस्तीफा दे देने की खबर से यूपी की ब्यूरोक्रेसी और आम लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ऐसे में पूछा जाने लगा कि आखिर कौन हैं रिंकू सिंह राही? और ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। आज के जमाने में जब किसी छोटी-मोटी नौकरी के लिए भी लोग दिन-रात एक किए रहते हैं आखिर किसी ने एक झटके में देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली आईएएस की नौकरी कैसे छोड़ दी? तो आइए हम बताते हैं कि कौन हैं रिंकू सिंह राही और उनके कैरियर में इस इस्तीफे के अलावा वे कौन से किस्से रहे हैं जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश में उन्हें एक चर्चित अधिकारी के तौर पर जाना जाता है।

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रिंकू सिंह राही ने यूपीएससी- 2021 की परीक्षा में 683 वीं रैंक हासिल की थी। इसके पहले वह मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे। बताया जाता है कि तब रिंकू सिंह राही ने 83 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर किया था जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में उन्हें सात गोलियां लगी थीं। अलीगढ़ के डोरी नगर के रहने वाले रिंकू के पिता आटा चक्की चलाते थे। रिंकू के सलेक्शन के वक्त उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों को नहीं पढ़ा सकते थे। इस वजह से रिंकू की पढ़ाई सरकारी स्कूल से ही हुई। रिंकू ने प्राथमिक पढ़ाई बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों से की। उन्होंने सरकारी इंटर कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास की। अच्छे नंबर लाने पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली और फिर टाटा इंस्टीच्यूट से उन्होंने बीटेक किया। 2008 में उनका पीसीएस में चयन हुआ।

पहली ही तैनाती में हो गया हमला

रिंकू सिंह को पीसीएस बनने के बाद पहली तैनाती यूपी के मुजफ्फरनगर में बतौर समाज कल्याण अधिकारी मिली थी। साल-2009 में उन्होंने विभाग में 83 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर कर दिया था। घोटाला सामने आने के बाद से उनके कई दुश्मन बन गए। एक दिन सुबह खेलने जाते समय उन पर प्राणघातक हमला हुआ। रिंकू सिंह राही पर ताबड़तोड़ कई गोलियां दागी गईं। सात गोलियां उन्हें लगीं। इस हमले में उनकी जान बच गई लेकिन एक आंख गंवानी पड़ी। स्वस्थ होने के बाद उन्हें भदोही के जिला समाज कल्याण अधिकारी पद पर तैनाती मिली। भदोही के बाद श्रावस्ती, ललितपुर और हापुड़ में उनकी नियुक्ति हुई। हापुड़ में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति दी गई।

छात्रों ने ही यूपीएससी के लिए किया प्रेरित

बताया जाता है कि कोचिंग संस्थान में डायरेक्टर होने के नाते रिंकू सिंह राही जिन विद्यार्थियों को पढ़ाते थे उन्होंने ही उन्हें यूपीपीएस की तैयारी के लिए प्रेरित किया। अपने विद्यार्थियों की बात मानकर रिंकू सिंह राही ने 2021 में यूपीएससी की परीक्षा दी और सफल रहे।

शाहजहांपुर में ऐसा क्या हुआ कि अटैच कर दिए गए रिंकू सिंह राही

रिंकू सिंह राही को 24 जुलाई 2025 में शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात किया था। चार्ज लेने के बाद वह तहसील परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चार लोगों को खुले में पेशाब करते देखा। उन्होंने मौके पर ही चारों को उठक-बैठक लगाने का निर्देश दे दिया। उन चारों में से एक के अधिवक्ता के मुंशी होने के नाते वकील आंदोलित हो गए। उन्होंने धरना शुरू कर दिया। सूचना पर उनके बीच पहुंचे रिंकू सिंह ने वाद-विवाद के दौरान किसी बात को लेकर वकीलों के सामने उठक-बैठक शुरू कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो मीम्स बनने लगे। बात शासन तक पहुंची तो रिंकू सिंह राही को एसडीएम पद से हटाकर राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया।

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लेखक के बारे में

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अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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