राम मंदिर में CEO से पहले सचिव की नियुक्ति, कौन हैं जगदीश आफले? मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

लाइव हिन्दुस्तान, कमलाकान्त सुन्दरम अयोध्या
Follow us on Google News
share

अयोध्या के राम मंदिर में सचिव का नया पद बनाने के साथ ही उस पर पहली नियुक्ति कर दी गई है। जगदीश आफले को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया है। आफले राम मंदिर की तरफ से एसबीआई में हस्ताक्षरकर्ता भी नियुक्ति कर दिए गए हैं।

Jagdish Aphale Ayodhya Ram Mandir first secretary
राम मंदिर चंदा चोरी के बाद जगदीश आफले को राम मंदिर ट्रस्ट का नया सचिव नियुक्त किया गया है।

अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के बाद हो रहे बदलावों की कड़ी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से पहले सचिव की नियुक्ति कर दी गई है। जगदीश आफले को यहां का पहला सचिव नियुक्त किया गया है। प्रवक्ता के लिए भी चयन प्रक्रिया चल रही है। कई नामों पर चर्चा किया गया है। जल्द ही उसके लिए भी नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। हालांकि आफले की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा भी दो सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में की जाएगी। आफले को ही ट्रस्ट की तरफ से भारतीय स्टेट बैंक में हस्ताक्षरकर्ता भी बना दिया गया है। चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद से हस्ताक्षरकर्ता को लेकर गतिरोध चल रहा था।

बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे आफले

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी ने यहां पर सीईओ, सचिव और प्रवक्ता की नियुक्ति का फैसला किया था। उसी फैसले के अनुसार सचिव का पद बनाते हुए जगदीश आफले की नियुक्ति की गई है। जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं। पेशे से इंजीनियर आफले ने राम मंदिर का निर्माण शुरू होने पर बिना वेतन ही परियोजना प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल ली थी।

मुंबई आईआईटी से किया बीटेक, फिर यूरोप-अमेरिका में नौकरी

महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले आफले ने आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल में बीटेक और फिर एमटेक किया है। इसके बाद वह अलग-अलग कई मल्टीनेशनल कंपनियों में अपनी सेवाएं देते रहे। इसी कड़ी में यूरोप के कुछ देशों के अलावा अमेरिका की एक कंपनी में भी सेवाएं दीं। रिटायरमेंट के बाद वह भारत आ गए। राम मंदिर का फैसला होने के बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर आरएसएस की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में यहां सेवा दे रहे हैं। तभी से यहां तीर्थ क्षेत्र भवन में पत्नी के साथ रहते हैं।

सीईओ के लिए 5200 लोगों के आवेदन

वहीं, सीईओ की नियुक्ति को लेकर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने ‘हिन्दुस्तान’ से विशेष बातचीत में बताया कि 52 सौ आवेदन आए हैं। इन सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग और लिस्टिंग का काम सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में गठित कमेटी कर रही है। फिर भी इस प्रक्रिया में समय लगेगा। इसी को ध्यान में रखकर यहां सचिव का नया पद बनाने का निर्णय लिया गया था। फिलहाल दो सितंबर की बैठक में कार्यकारिणी के अनुमोदन के बाद सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे।

जगदीश आफले को ही बनाया गया अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता

वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच खातों के संचालन को लेकर चल रहा गतिरोध भी समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ट्रस्ट ने जगदीश आफले को ही अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाने संबंधी नया प्रस्ताव पारित कर एसबीआई को भेज दिया है। बैंक ने भी औपचारिक स्वीकृति के बाद खातों का संचालन शुरू कर दिया है।

आफले के ट्रस्टी न होने से आ रही थी दिक्कतें

दरअसल, 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और पूर्व अभियंता जगदीश आफले के नाम बैंक को भेजे गए थे। लेकिन ट्रस्ट डीड के प्रावधानों के आधार पर एसबीआई ने जगदीश आफले के ट्रस्टी नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कानूनी राय मांगी थी। इससे खाता संचालन में अस्थायी गतिरोध पैदा हो गया था।

सूत्रों के अनुसार,ट्रस्ट में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अंतिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्ट ने नया प्रस्ताव पारित कर बैंक को भेज दिया, जिसमें जगदीश आफले के नाम पर सहमति दर्ज की गई है।

वेतन और भुगतान पर पड़ा था असर

खाता संचालन में आई रुकावट का असर ट्रस्ट के वित्तीय कार्यों पर भी पड़ा। करीब 1000 कर्मचारियों का जून माह का वेतन समय पर जारी नहीं हो सका था। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़ी विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों का भुगतान भी प्रभावित हुआ। हालाकि एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दिपेश राज ने कहा था कि एसबीआई और ट्रस्ट के बीच कोई विवाद नहीं है। ट्रस्ट के खातों से सभी लेन देन एसबीआई द्वारा किए जा रहे हैं।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsराम मंदिर में CEO से पहले सचिव की नियुक्ति, कौन हैं जगदीश आफले? मिली जिम्मेदारी