कौन है गैंगस्टर धर्मेंद्र किरठल? जिसकी यूपी में 3.50 करोड़ की जमीन कुर्क हुई
बागपत पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी कुख्यात धर्मेंद्र किरठल की करीब 3.50 करोड़ रुपये की कृषि भूमि कुर्क की। रमाला और छपरौली पुलिस ने 8130 वर्गमीटर जमीन पर कार्रवाई की। धर्मेंद्र पर हत्या, लूट समेत 55 मुकदमे दर्ज हैं और वह अंबेडकरनगर जेल में बंद है।

यूपी की बागपत पुलिस ने अपराध के जरिए अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के आरोपी कुख्यात बदमाश धर्मेंद्र किरठल की करीब 3.50 करोड़ रुपये कीमत की कृषि भूमि कुर्क की है। रमाला और छपरौली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 8130 वर्ग मीटर कृषि भूमि कुर्क की गई है। सीओ अंशु जैन ने बताया कि रमाला थाने में धर्मेंद्र किरठल पुत्र रामपाल निवासी किरठल, हाल निवासी विनोद विहार कॉलोनी ऋषिकेश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। कुख्यात धर्मेंद्र पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा नियंत्रण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और लूट के विभिन्न थानों में 55 मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में धर्मेंद्र किरठल जनपद अंबेडकरनगर की जेल में बंद है।
गैंगस्टर धर्मेंद्र किरठल की 3.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से किरठल और लूंब गांव में कृषि भूमि खरीदी थी। इसमें ग्राम किरठल में 5880 वर्ग मीटर और ग्राम लूंब में 2250 वर्ग मीटर भूमि शामिल है। दोनों भूखंडों का कुल बाजार मूल्य करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये आंका गया। जिला मजिस्ट्रेट बागपत के आदेश के अनुपालन में उप जिला मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्राधिकारी नगर बागपत की मौजूदगी में पुलिस ने संपत्ति को कुर्क किया। कुर्क की गई संपत्ति का प्रशासक भी नियुक्त किया गया है। सीओ ने बताया कि अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। वर्ष 2020 में धर्मेंद्र किरठल के गांव स्थित तीन आवास और एक ममटी को कुर्क किया था। धर्मेंद्र की इस अवैध संपत्ति की कुल कीमत 59 लाख रुपये आंकी गई थी।
डिप्टी जेलर की हत्या का आरोप
वर्ष 2006-07 के दौरान जब धर्मेंद्र किरठल मेरठ जेल में बंद था तब जेल से भागने के लिए कैदियों द्वारा सुरंग खोदने की साजिश रची गई थी। इस आपराधिक षड्यंत्र में धर्मेंद्र किरठल का नाम मुख्य रूप से सामने आया था। जेल में सुरंग की साजिश पकड़े जाने के बाद डिप्टी जेलर नरेंद्र द्विवेदी ने उस पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया था। आरोप है कि इसी सख्ती का बदला लेने के लिए धर्मेंद्र किरठल ने अपने साथियों (अजय जडेजा और ज्ञानेंद्र ढाका) के साथ मिलकर डिप्टी जेलर नरेंद्र द्विवेदी की हत्या को अंजाम दिया था।
गैंगस्टर एक्ट में सुनाई जा चुकी सजा
सितंबर 2023 में मेरठ की अदालत ने धर्मेंद्र किरठल को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 5 साल के कारावास और 50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मुकदमे में शामिल उसके साथियों सत्येंद्र मुखिया और सुभाष को भी 5-5 साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में धर्मेंद्र किरठल पर इरशाद हत्याकांड सहित कई अन्य गंभीर मुकदमों का ट्रायल कोर्ट में जारी है।


