कौन है डॉ.रमीज का आका? अब STF करेगी KGMU में महिला डॉक्टर से रेप और धर्मांतरण की जांच
एसटीएफ की जांच में KGMU में धर्मांतरण प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज के मददगारों पर शिकंजा कसना अब तय है। इस बहुचर्चित मामले में KGMU प्रशासन ने मद्दगारों का पता लगाने के लिए एसटीएफ से मदद मांगी है। केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित सात सदस्यीय जांच कमेटी ने एसटीएफ से विस्तृत जांच की सिफारिश की है।

केजीएमयू में महिला रेजीडेंट डॉक्टर से दुष्कर्म और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के मामले की जांच अब एसटीएफ करेगी। आरोपी रेजीडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज पर के सभी मामलों और धर्मांतरण गिरोह से कनेक्शन की भी जांच होगी। एसटीएफ पता लगाएगी कि केजीएमयू में यह रैकेट कब से चल रहा था? रमीज के मददगार कौन लोग थे? पूरे नेटवर्क को कौन संरक्षण दे रहा था? इसके तार कहां से जुड़े हैं? इन सभी बिंदुओं पर एसटीएफ अब जांच करेगी। इसी मामले में केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।
एसटीएफ की जांच में केजीएमयू में धर्मांतरण प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज के मद्दगारों पर शिकंजा कसना अब तय है। दरअसल इस बहुचर्चित मामले में केजीएमयू प्रशासन ने मद्दगारों का पता लगाने के लिए एसटीएफ से मदद मांगी है। केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित सात सदस्यीय जांच कमेटी ने एसटीएफ से विस्तृत जांच की सिफारिश की है। आगरा और केजीएमयू की महिला डॉक्टर के यौनशोषण और धर्मांतरण प्रकरण की तीन स्तर पर जांच हो रही है। पहली विशाखा समिति यौन उत्पीड़न संबंधी जांच कर रही थी। दूसरी केजीएमयू की ओर से गठित सात सदस्यीय कमेटी डॉ. रमीज के मद्दगारों और धर्मान्तरण की जांच कर रही थी। तीसरी पुलिस आपराधिक, धर्मांतरण व अन्य दूसरे पहलुओं पर जांच कर रही है।
प्रकरण से जुड़ी पूर्व डीजीपी भावेश कुमार सिंह, डीन डॉ. केके सिंह समेत सात सदस्यीय समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट फाइल की। इसमें पैथोलॉजी विभाग के 25 डॉक्टर व रेजिडेंट के बयान दर्ज किए गए हैं। दो वह डॉक्टर भी हैं, जिन पर मदद के आरोप है। समिति ने अपनी जांच में सीधे तौर पर किसी को दोषी नहीं ठहराया है। इस कारण सामाजिक संगठनों और कुछ लोगों ने इस जांच पर सवाल भी उठाए थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया था पीड़िता द्वारा आयोग में शिकायत करने से रोका था। मामला दबाने की कोशिश की गई थी। मामला तूल पकड़ते देख एसटीएफ से जांच की सिफारिश की है। जांच के दौरान समिति ने एक ईमेल आईडी जारी की थी। विभागवार ऐसे किसी भी मामले की जानकारी देने के लिए कहा था। हालांकि इस मामले में समिति किसी विभाग से धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिला।
क्या बोले केजीएमयू प्रवक्ता
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने कहा कि जांच पूरी कर ली गई है। बयान भी ले लिए गए हैं। कमेटी को विस्तृत जांच की जरूरत महसूस हुई। मामले की गंभीरता देखते हुए एसटीएफ से जांच की सिफारिश की गई है। टीम द्वारा जुटाए गए सुबूत और दर्ज किए गए बयान सील कर दिए गए हैं। जिसे जल्द ही उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा। एसटीएफ की मांग पर सभी जुटाए गए सुबूत उन्हें उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
यह है मामला
केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर महिला रेजिडेंट डॉ. ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था। इससे त्रस्त होकर महिला डा. ने खुदकुशी की कोशिश की थी। पीड़िता पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली है। उसने यह भी आरोप लगाया था कि आगरा की रहने वाली एक महिला डॉ. को भी प्रेम जाल में फंसाकर उसका शोषण किया था। फिर धर्मांतरण कराकर रमीज ने उससे फरवरी 2025 में निकाह किया था।
धर्मांतरण के विरोध पर उसका दो बार गर्भपात कराया। वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। इस संबंध में पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में पुलिस ने डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आगरा की महिला डॉ. ने भी कोर्ट में बयान देकर उक्त आरोपों की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने उसके द्वारा दिए गए साक्ष्य और तथ्यों को मुकदमे की विवेचना में शामिल कर दिया था।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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