कौन हैं वो पूर्व छात्र जिन्होंने IIT कानपुर को दी 10 करोड़ की गुरु दक्षिणा, कहा- ये मेरा सौभाग्य
जगजीत सिंह ने कहा कि IIT कानपुर की उत्कृष्ट शिक्षा ने मेरे पेशेवर करियर की नींव रखी है। यह मेरा सौभाग्य और सम्मान है कि मुझे संस्थान में अपने छोटे से योगदान का अवसर मिल रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि जगजीत सिंह IIT कानपुर के दीर्घकालिक योगदानकर्ताओं में से एक हैं।

किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा इस बात से आंकी जाती है कि उससे पढ़कर निकले विद्यार्थियों ने अपने जीवन में क्या मुकाम हासिल किया। जब किसी संस्थान से निकला कोई छात्र पलटकर वहां 10 करोड़ रुपए जैसी भारी-भरकम गुरु दक्षिणा दे जाए तो इसे उस संस्थान की सफलता ही नहीं उस छात्र के मुकाम का भी अंदाजा हो जाता है। ऐसे ही एक छात्र से आईआईटी कानपुर को गुरु दक्षिणा के रूप में 1.15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपये) मिले हैं। गुरु दक्षिणा देने वाले इस छात्र ने कहा है कि इसी संस्थान ने उनकी नींव तैयार की। इस संस्थान के लिए अपने योगदान को बड़ी विनम्रता से छोटा सा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य और सम्मान है।
तय हुआ है कि इन रुपयों से आईआईटी कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स की स्थापना की जाएगी। जिससे केमिकल के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह धनराशि संस्थान के 1969 बैच के पूर्व छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा ने केमिकल इंजीनियरिंग अवसंरचना के लिए दी है। वे बिंद्रा ल्योंडेलबासेल, लार्सन एंड टुब्रो, एडिसन इंटरनेशनल, ट्रांसओशियन और वर्ली जैसी वैश्विक कंपनियों के निदेशक मंडल में रह चुके हैं।
आईआईटी कानपुर की अनुसंधान एवं शैक्षणिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए जगजीत सिंह ने 1.15 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिया है। उन्होंने संस्थान से वर्ष 1969 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। संस्थान में इस राशि से बनने वाले भवन का नाम जेनिस एवं जगजीत बिंद्रा केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स रखा जाएगा, जो केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के लिए शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का एक आधुनिक केंद्र होगा। लगभग 4,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित यह अत्याधुनिक भवन अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, संकाय कार्यालय तथा सहयोगात्मक अनुसंधान स्थल स्थापित किए जाने की योजना है। यह भवन सतत प्रौद्योगिकियों, कम्प्यूटेशनल कैटालिसिस, जैव-प्रौद्योगिकी और उन्नत पदार्थों (एडवांस्ड मैटेरियल्स) जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
जगजीत सिंह ने कहा कि आईआईटी कानपुर की उत्कृष्ट शिक्षा ने मेरे पेशेवर करियर की नींव रखी है। यह मेरा सौभाग्य और सम्मान है कि मुझे संस्थान में अपने छोटे से योगदान का अवसर मिल रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि जगजीत आईआईटी कानपुर के दीर्घकालिक योगदानकर्ताओं में से एक हैं। इस सुविधा की स्थापना केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार तथा अनुप्रयुक्त (ट्रांसलेशनल) अनुसंधान के लिए नए अवसरों का सृजन करेगी। प्रो. अमेय करकरे ने कहा कि जगजीत लगातार संस्थान से जुड़े हैं। उनकी ओर से ‘जीत बिंद्रा यूनिट ऑपरेशंस एंड इनोवेशन लैब’, ‘स्पेशलिटी केमिकल्स में जीत सिंह बिंद्रा उत्कृष्टता केंद्र’ आदि पूर्व से संचालित हैं।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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