
कौन हैं यूपी के सुहेल और सुलेमान? देश को जहर से दहलाने की थी साजिश; अलर्ट पर पुलिस
गुजरात एटीएस ने रासायनिक जहर से हमले की योजना बना रहे डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्धों में से दो यूपी के हैं। मोहम्मद सुहेल लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे का रहने वाला है। जबकि आजाद सुलेमान शेख शामली के झिंझाना इलाके का है। इस खुलासे के बाद यूपी पुलिस अलर्ट पर है।
देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की बड़ी साजिशों का पर्दाफाश हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी कर एक डॉक्टर के घर से 300 किलोग्राम आरडीएक्स, एके-47, भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया। वहीं, गुजरात एटीएस ने रासायनिक जहर से हमले की योजना बना रहे डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो संदिग्ध यूपी के हैं। मोहम्मद सुहेल लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे का रहने वाला है। जबकि आजाद सुलेमान शेख शामली के झिंझाना इलाके का है। आतंकी साजिश के भंडाफोड़ के बाद यूपी पुलिस अलर्ट मोड में है। पुलिस ने लखीमपुर में सुहैल और शामली में सुलेमान के घर पहुंचकर जानकारी जुटाई है।
सुहेल के पिता सलीम ट्रैक्टर मैकेनिक हैं जबकि उसका एक भाई हैदराबाद स्थित फैक्ट्री में काम करता है। सुहेल मुजफ्फरनगर में दीनी तालीम लेने के नाम पर घर से गया था। वह क्या कर रहा था, घरवालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। घरवालों के अनुसार सुहेल गुजरात घूमने गया था लेकिन जब उन्हें पता चला कि वह आतंकी होने के आरोप में गिरफ्तार हुआ है तो उनके होश उड़ गए। परिवारवालों को सुहेल की गिरफ्तारी पर यकीन नहीं हो रहा है। उधर, सूचना मिलते ही सिंगाही पुलिस सुहेल के घर पहुंची और सत्यापन किया। पुलिस सुहेल के परिवार के संबंध में पूरी डिटेल अपने साथ ले गई है।
तीन साल पहले मुजफ्फरनगर गया था सुहेल
सिंगाही कस्बे के वार्ड नंबर एक में रहने वाले मोहम्मद सुहेल के घरवालों ने पुलिस को बताया कि वह तीन साल पहले मुजफ्फरनगर गया था। वह मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में रहकर हाफिज की पढ़ाई कर रहा था। घरवालों के अनुसार वह छुट्टियों में घर आता था। आखिरी बार वह जुलाई 2025 में घर आया था। कुछ दिन घर पर रहने के बाद वह वापस चला गया। घरवालों की उससे फोन पर बात होती रहती थी। घरवालों के अनुसार सुहेल ने उनको एक सप्ताह पहले बताया था कि वह गुजरात घूमने जा रहा है। वहीं, रविवार को उनके पास गुजरात से कॉल आई, जिससे उन लोगों को पता चला कि सुहेल वहां संदिग्ध आतंकी के रूप में गिरफ्तार हो गया है। यह सुनकर सुहेल के परिजनों के होश उड़ गए।
पुलिस ने ली जानकारी, घरवालों के नंबर भी लिए
सुहेल के घर पहुंचे एसओ सिंगाही अजीत कुमार ने परिजनों से पूरी जानकारी ली। घर में सुहेल के कमरे व अन्य चीजों की भी चेकिंग की गई। घर के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर भी दर्ज किए गए। एसओ सिंगाही ने बताया कि आरोपी युवक पर स्थानीय थाने में कोई केस दर्ज नहीं है। वहीं, एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि उनके पास अभी अधिकारिक तौर पर सूचना नहीं दी गई है। फिर भी स्थानीय स्तर पर ब्योरा दर्ज कराया गया है।
दो कमरों के घर में रहता है परिवार
सुहेल के घर पर एक जनरल स्टोर का बोर्ड लगा है। घर की दीवारें जर्जर और पुरानी हैं और उन पर प्लास्टर भी नहीं है। पता चला कि सुहेल का पिता सलीम ट्रैक्टर मिस्त्री है। सुहेल की मां रुकसाना भी घर पर मिलीं। दंपती के तीन बेटे हैं और बड़ा बेटा सुम्मी खान हैदराबाद में मजदूरी करता है जबकि दूसरा सुहेल व तीसरा बेटा अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सुहेल के पकड़े जाने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, लोग हैरान रह गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार से पूछताछ की। रविवार दोपहर बाद सोशल मीडिया पर सुहेल की गिरफ्तारी की तस्वीर आ गई। स्थानीय लोगों के मन में सुहेल के परिवार से कई सवाल थे लेकिन परिवार के लोग किसी से नहीं मिले। पूरे परिवार ने खुद को घर में कैद कर लिया है।
सिर्फ गिरफ्तारी की दी गई सूचना
गुजरात एटीएस ने सिर्फ परिवार को फोन से इतनी ही सूचना दी है कि उनके बेटे को आतंकी होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों से अधिकारियों ने कोई बात नहीं की। इसीलिए कहा जा रहा है कि परिवार सुहेल की करतूत से अंजान था। अगर उनको जानकारी होती कि सुहेल क्या कर रहा है, तो पुलिस परिवार से भी पूछताछ करती। एटीएस अभी यहां नहीं आई है और न ही खीरी पुलिस को कोई सूचना दी है।
झिंझाना पर भी लगा पाक से नापाक संबंधों का दाग
गुजरात के गांधीनगर के अदलाज में एटीएस द्वारा पकड़े गए शामली के झिंझाना निवासी आजाद सुलेमान शेख के चलते कैराना के बाद झिंझाना की साख पर भी पाक से नापाक संबंधों की बदनामी का दाग लग गया है। कैराना का आईएसआई से नाता बहुत पुराना है। नब्बे के दशक में गठरी उद्योग के जरिए पाकिस्तान से शुरू हुआ हथियारों की तस्करी का खेल अब आईएसआई एजेंटों की सक्रियता तक पहुंच गया है। पाकिस्तान में आईएसआई का हैंडलर भी कैराना से फरार इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा बताया जा रहा है।
चर्चा में आए आईएसआई के कई हैंडलर
आजाद की गिरफ्तारी से एक बार फिर से आईएसआई हैंडलर इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा चर्चाओं में आ गए हैं। हालांकि अभी आजाद के इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा से संबंधों की पुष्टि नहीं हुई है। कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान का रहने वाला इकबाल काना 80 के दशक में कैराना की गलियों में केले बेचता था।
रासायनिक-जैविक हथियार बनाने का केमिकल भी मिला
आईएसआईएस के मॉड्यूल आईएसकेपी से जुड़े मुख्य आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद के साथ शामली के आजाद सुलेमान शेख और लखीमपुरी खीरी के मोहम्मद सुहेल खान को गिरफ्तार कर एटीएस ने तीन ग्लॉक और बेरेटा पिस्टल, कारतूस और रासायनिक-जैविक हथियार बनाने का केमिकल बरामद किया है।
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पाकिस्तान बार्डर पर ड्रोन की मदद से उनका हैंडलर हथियारों की खेप देश में भेजता है। गुजरात में गांधीनगर के अदलाज इलाके में एटीएस द्वारा पकड़े गए तीनों संदिग्ध आतंकियों में से एक झिंझाना निवासी आजाद पुत्र सुलेमान सैफी के शामिल होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। इसके साथ ही झिंझाना भी एटीएस की रडार पर आ गया है। पुलिस ने आजाद सैफी के घर पहुंचकर पूरी जानकारी जुटाई। परिजनों के अनुसार आजाद सैफी बुढ़ाना के मदरसे में मौलवियत की पढ़ाई कर रह है। वह गुजरात में कैसे पहुंचा और कब संदिग्ध लोगों के संपर्क में आया इसकी जानकारी से परिजनों ने इनकार कर दिया है। गुजरात में पकड़े गए आजाद के शुरुआत में कैराना निवासी होने की चर्चा जोर से फैली थी। कैराना पुलिस भी खोजबीन में लग गई लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं मिली। शाम को आजाद के झिंझाना निवासी होने का पता चला।
इसके बाद झिंझाना पुलिस उसके घर और परिजन की तलाश में लग गई। करीब आधे घंटे बाद पता चला कि आजाद पुत्र सुलेमान सैफी झिंझाना के शेख मैदान सलाफा मोहल्ले का रहने वाला है। पुलिस उसके मकान पर पहुंची और जानकारी जुटाई। आजाद का परिवार दो मंजिला मकान में रहता है। आजाद के पिता सुलेमान शेख हैं वह राजमिस्त्री का काम करते हैं। चार भाई और दो बहन हैं, तीन भाई और एक बहन आजाद से छोटे हैं। आजाद का बड़ा भाई शहजाद भी राजमिस्त्री का काम करता है। बड़ा भाई शहजाद और पिता सुलेमान राजमिस्त्री के काम पर हरियाणा के बहालगढ़ में गए हुए हैं। जबकि, दो छोटे भाई सुहैब और सुहेल दिल्ली में ठेकेदार के पास काम करते हैं। बड़े भाई शहजाद की शादी बुढ़ाना में हुई है। घर में आजाद की मां प्रमिदा, पिता सुलेमान और भाई शहजाद परिवार के साथ रहते हैं। आजाद की बड़ी बहन शहजाजादी की शादी हापुड़ में हुई है।
मौलवी की पढ़ाई कर चुका है आजाद
आजाद बुढ़ाना के मदरसे से कर रहा मौलवियत आजाद ने कई काम किए लेकिन किसी काम में मन नहीं लगा। परिजनों के मुताबिक, लगभग 20 वर्षीय आजाद ने झिंझाना के मदरसे से कुरान हाफिज की तालीम हासिल की। इसके बाद 2018 में वह लुधियाना में सिलाई मशीन का काम सीखने गया। छह महीने तक उसने काम सीखा।





