चोर ने थाने में मकान मालिक से सामना होने पर पूछा- सिर्फ कुंडियां बंद थीं, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए
पूर्व चकबंदी अधिकारी के बंद मकान से 40 लाख रुपये मूल्य के गहने चुराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थाने में मकान मालिक से सामना होने पर चोर शिकायती लहजे में बोले, इन्होंने इतने बड़े घर के गेट पर ही एक छोटा ताला लगाया था। सात कमरों में सिर्फ कुंडियां बंद थीं, ताले क्यों नहीं लगे थे।

UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के लंका थानाक्षेत्र की गायत्री नगर कॉलोनी निवासी पूर्व चकबंदी अधिकारी के बंद मकान से 40 लाख रुपये मूल्य के गहने चुराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे सभी गहने बरामद हो गए हैं। बीते 31 मार्च से चार अप्रैल के बीच हुई इस घटना के दो उल्लेखनीय पहलू हैं। पहला, तमाम कोशिशों के बाद भी चोर गहने बेच नहीं पाए। दूसरा, लंका थाने में मकान मालिक से सामना होने पर चोर शिकायती लहजे में बोले, इन्होंने इतने बड़े घर के गेट पर ही एक छोटा ताला लगाया था। सात कमरों में सिर्फ कुंडियां बंद थीं, ताले क्यों नहीं लगे थे।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने शनिवार को लंका थाना परिसर में बताया कि इस मामले के दो आरोपियों-बजरडीहा जक्खा के आजाद नगर निवासी मो. शारिक जमाल अंसारी, बजरडीहा पुलिस चौकी के निकट के निवासी रेयाज अंसारी को लंका पुलिस ने सीर गोवर्धन से गहनों से भरे बैग के साथ गिरफ्तार किया।
फेरी लगाते की थी रेकी
चोरों ने पूछताछ में बताया कि वे फेरी लगाकर साड़ी बेचते हैं। फेरी लगाते समय वे घरों और रास्तों की रेकी भी करते थे। गायत्री नगर कॉलोनी में फेरी लगाते समय एक मकान में कई दिन से छोटा सा ताला बंद लगा दिखा। कई दिन तक ताला लगा देख चोरों ने समझ लिया कि घर में कोई है नहीँ। इसके बाद उन्होंने चोरी की साजिश रची। चोरों ने मंकी कैप लगाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
गहने बेचने के लिए भटके
मो. शारिक और रेयाज को अंदाजा नहीं था कि उनके हाथ इतने गहने लग जाएंगे। लेकिन चोरी के बाद वे गहने बेचने के लिए परेशान हो गए। पुलिस को पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे परेशान थे कि गहने कहां बेचें। गहने बेचने और छिपने के लिए आसपास के जिलों में परिचितों, रिश्तेदारों के यहां रूकते रहे। लेकिन इसी बीच पुलिस को उनका सुराग मिल गया और वे पकड़े गए। थाने में मकान मालिक से उनका सामना हुआ तो उन्होंने उनसे ही पूछ डाला कि आखिर घर के गेट पर इतना छोटा ताला क्यों लगाया था और कमरों में कोई ताला ही नहीं लगाया था। ऐसा क्यों किया?
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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