क्या है ईपीएम? जो 5 साल में बदल देगा यूपी की पहचान; योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Nov 15, 2025 06:20 am ISTAjay Singh प्रमुख संवााददाता, कानपुर
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ईपीएम को यूपी का उद्योग जगत बड़े गेम चेंजर के रूप में देख रहा है। यह न सिर्फ कम निर्यात वाले सेक्टरों में नई ऊर्जा भरेगा, बल्कि यूपी को वैश्विक व्यापार के नए मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा। विशेषज्ञों की मानें तो यह मिशन छोटे निर्यातकों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।

क्या है ईपीएम? जो 5 साल में बदल देगा यूपी की पहचान; योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Yogi cabinet approved EPM: उत्तर प्रदेश के विदेश व्यापार की तस्वीर अगले पांच साल में पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही 25 हजार करोड़ रुपये के ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम)’ को उद्योग जगत बड़े गेम चेंजर के रूप में देख रहा है। यह न सिर्फ कम निर्यात वाले सेक्टरों में नई ऊर्जा भरेगा, बल्कि यूपी को वैश्विक व्यापार के नए मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिशन उन छोटे निर्यातकों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा, जिनके उत्पाद की गुणवत्ता तो बेहतरीन है, पर बाजार तक पहुंच सीमित रही है।

भारतीय निर्यात महासंघ (फियो) की समीक्षा रिपोर्ट बताती है कि 2025-31 के बीच हैंडीक्राफ्ट, ज्वैलरी, केमिकल, गारमेंट, स्पोर्ट्स गुड्स और लेदर जैसे प्रमुख सेक्टरों का विदेशी बाजार तेजी से बढ़ेगा। खास बात यह कि यह बढ़त केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। भदोही के कालीन, प्रतापगढ़ का आंवला, मऊ का टेक्सटाइल, कन्नौज का इत्र समेत छोटे शहरों के उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाना आसान होगा।

विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रोजगार के अवसर

फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ईपीएम से यूपी की पहचान दुनियाभर में बदलेगी। सबसे बड़ा असर विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर देखने को मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि नई सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में सुधार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे न केवल उद्योग जगत में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों में बड़ा उछाल आएगा।

राज्य के निर्यात में 40% तक बढ़ोतरी का अनुमान

सहायक निदेशक के अनुसार, निर्यात प्रोत्साहन मिशन से पूरे राज्य के निर्यात में 40% तक बढ़ोतरी का अनुमान है। सबसे अधिक लाभ कानपुर, आगरा और नोएडा जैसे बड़े औद्योगिक शहरों को होगा। यहां के व्यापार में 15 फीसदी तक उछाल की संभावना जताई गई है। लेदर, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग उत्पादों के क्षेत्र में विशेष पैकेज मिलने से इन इंडस्ट्रियल हब्स की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है।

ईपीएम से एमएसएमई सेक्टर को मिलेगी मजबूती

लेदर एक्सपोर्टर प्रेरणा वर्मा का कहना है कि ईपीएम से एमएसएमई सेक्टर की रीढ़ मजबूत होगी। छोटे निर्यातकों को तकनीकी सहयोग, वित्तीय प्रोत्साहन, डिजिटलीकरण, नए बाजारों से जोड़ने और उत्पाद मानक सुधारने में व्यापक मदद मिलेगी। इससे स्थानीय उद्यम न केवल बड़े बाजार में टिक सकेंगे बल्कि विदेशी खरीदारों के बीच अपनी अलग पहचान भी बना पाएंगे। यदि योजना जमीन पर तय समय में उतरी तो अगले पांच साल में उत्तर प्रदेश न सिर्फ देश के शीर्ष निर्यातक राज्यों में शामिल होगा, बल्कि कई वैश्विक बाजारों में ‘मेड इन यूपी’ की एक नई पहचान भी कायम करेगा।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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