
गजब संयोग! अपर्णा यादव ने आज ही दिन ज्वाइन की थी बीजेपी, अब पति का तलाक का ऐलान
अपर्णा यादव के लिए आज का दिन गजब संयोग वाला हो गया है। चार साल पहले आज ही के दिन यानी 19 जनवरी को अपर्णा ने भाजपा ज्वाइन की थी। अब 19 जनवरी को ही उनके पति प्रतीक यादव ने तलाक का ऐलान किया है।
कभी-कभी ऐसे संयोग सामने आते हैं जो हैरान कर देते हैं। उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित 'सैफई परिवार' यानी मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के लिए आज यानी 19 जनवरी की तारीख ऐसा ही संयोग बन गई है। आज की तारीख एक तरफ जहां उनकी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की याद दिलाती है, वहीं दूसरी ओर उनके निजी जीवन के लिए यह एक कड़वा मोड़ साबित हो रही है। आज से ठीक चार साल पहले 19 जनवरी 2022 को यूपी विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उस समय मुलायम सिंह यादव की बहू का पाला बदलना देश की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर बनी थी।
आज ही के दिन पति ने फोड़ा 'तलाक' का बम
गजब संयोग देखिए कि उसी तारीख को चार साल बाद यानी 19 जनवरी 2026 को उनके पति प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर हलचल मचा दी। प्रतीक ने सार्वजनिक रूप से अपर्णा को 'स्वार्थी' बताते हुए उनसे जल्द से जल्द तलाक लेने का ऐलान कर दिया। प्रतीक ने अपनी पोस्ट में यहां तक लिख दिया कि अपर्णा ने उनके पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया और वे केवल शोहरत की भूखी हैं।
संयोग या सोची-समझी टाइमिंग?
सोशल मीडिया पर लोग इस संयोग को लेकर कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। जिस तारीख को अपर्णा ने अपने राजनीतिक करियर की नई दिशा तय की थी, उसी तारीख को उनके वैवाहिक जीवन में इतनी बड़ी दरार की खबर सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है।अपर्णा वर्तमान में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं। प्रतीक के पोस्ट से साफ है कि यह कड़वाहट लंबे समय से चल रही थी, जो अब सार्वजनिक विद्रोह के रूप में बाहर आ गई है।
सैफई परिवार में सन्नाटा
एक तरफ बीजेपी में अपर्णा की सक्रियता और दूसरी तरफ प्रतीक यादव का यह आक्रामक रुख, इस खबर ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा गर्म कर दिया है। फिलहाल यादव परिवार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन 19 जनवरी की यह तारीख अब अपर्णा यादव के जीवन के दो सबसे बड़े बदलावों (राजनीतिक और व्यक्तिगत) के लिए याद की जाएगी।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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