धर्मांतरण गैंग चलाने वाले छांगुर गिरोह पर कार्रवाई से खफा थे आतंक के आका? जुड़ रहीं कड़ियां
दिल्ली ब्लास्ट की पड़ताल में जुटी एटीएस को कई यूपी से कई राज हाथ लग रहे हैं। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के अवैध धर्मांतरण गिरोह पर शिकंजा कसने के बाद ही आतंकी गिरोह में इसको लेकर नाराजगी शुरू हो गई थी।जांच में इसकी कड़ियां जुड़ रही हैं।

दिल्ली ब्लास्ट की पड़ताल में जुटी एटीएस को कई यूपी से कई राज हाथ लग रहे हैं। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के अवैध धर्मांतरण गिरोह पर शिकंजा कसने के बाद ही आतंकी गिरोह में इसको लेकर नाराजगी शुरू हो गई थी। यूपी पुलिस और एटीएस का आगरा, दिल्ली और अन्य इलाकों में धर्मांतरण गिरोह पर कहर टूटने लगा, वैसे-वैसे पाकिस्तान व अन्य मुस्लिम देशों में आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों ने भारत को निशाने पर लिया था। इसके साक्ष्य भी पिछले कुछ समय में गुजराज, दिल्ली और यूपी के विभिन्न जिलों में आतंकी गतिविधियों में लिप्त युवकों के मोबाइल चैट से मिले। अब दिल्ली विस्फोट और देश के अन्य हिस्सों को दहलाने की बड़ी साजिश का खुलासा होने को भी इसी कड़ी से जोड़ कर देखा जा रहा है।
दर्जनों वीडियो चैट में धर्मांतरण का जिक्र किया गया : खुफिया एजेन्सियों ने बताया कि आतंकी संगठनों के मुखिया के इशारे पर जितने लोग मुस्लिम युवाओं को उकसा रहे थे, वह सब शेयर करने वाले अपने उग्र वीडियो में धर्मांतरण के विरोध का जिक्र जरूर करते थे। इसमें कहा जाता था कि भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की राह में धर्मांतरण पर कार्रवाई बाधा बन रही है। अधिकारियों का मानना है कि धर्मांतरण को लेकर नाराजगी भी इस कदर बढ़ी कि इन लोगों ने देश विरोधी साजिश की कार्रवाई को तेज कर दिया।
आगरा में धर्मांतरण गैंग के खुलासे से था हड़कंप
आगरा पुलिस ने जब धर्मांतरण के नए गिरोह का खुलासा किया तो देश विरोधी साजिश रचने में लगे संगठनों में हड़कम्प मच गया। इस गिरोह की मास्टर माइंड आयशा थी, जिसके सम्बन्ध कई संगठन से मिले थे। इस समय भी पता चला था कि इन लोगों को विदेशों खासकर पाकिस्तान, कनाडा और दुबई में बैठे लोग फंडिंग कर रहे हैं। इनके नेटवर्क हैदराबाद तक मिले थे।
एलयू के पास रह रहे मौलाना से पूछताछ
लखनऊ। एटीएस ने बुधवार को लखनऊ विश्विद्यालय के पास रहने वाले एक मौलाना से भी पूछताछ कि। इन मौलाना ने आईआईएम रोड निवासी इश्तियाक से डॉ.परवेज को मुत्तकीपुरमें ज़मीन दिलाई थी। उस समय ज़मीन ख़रीदने के लिए रुपए देने भी यही मौलाना गए थे। एटीएस इस बारे में और जानकारी जुटा रही है।
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लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


