अगर बनना है UP CM तो ओवैसी को लाइए; अखिलेश को AIMIM की नसीहत, PDA की नई परिभाषा

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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AIMIM नेता चौधरी ने ये भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के PDA (जिसका मतलब पार्टी ने 'पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक' बताया है) में 'A' का मतलब असदुद्दीन ओवैसी होना चाहिए।

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जैसे-जैसे उसकी घड़ी नजदीक आती जा रही है, राज्य में सियासी मंच सजने लगे हैं और राजनीतिक बयानबाजी भी जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर उन्हें उत्तर प्रदेश का फिर से मुख्यमंत्री बनना है, तो उन्हें AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन लेना होगा। AIMIM नेता शादाब चौहान ने कहा कि ओवैसी के समर्थन के बिना अखिलेश यादव की सियासी रणनीति और चाहत अधूरी रहेगी।

चौधरी ने ये भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के PDA (जिसका मतलब पार्टी ने 'पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक' बताया है) में 'A' का मतलब असदुद्दीन ओवैसी होना चाहिए। चौहान ने यह बात यादव को उनकी राजनीतिक रणनीति और अगले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष की संभावनाओं पर सलाह देते हुए कही। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चौहान ने कहा, "अगर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो उन्हें असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन लेना होगा।" उन्होंने आगे दावा किया कि मुसलमानों ने मन बना लिया है कि उनके वोट ऐसे नेता को चुनने में मदद करेंगे जो उनके हितों का प्रतिनिधित्व करता हो।

PDA में 'A' का मतलब असदुद्दीन ओवैसी

समाजवादी पार्टी की PDA रणनीति पर सीधा निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि यादव सत्ता में लौटने की उम्मीद तब तक नहीं कर सकते जब तक गठबंधन के 'A' का मतलब असदुद्दीन ओवैसी न हो। उन्होंने कहा, "जब तक अखिलेश यादव के PDA में 'A' का मतलब असदुद्दीन ओवैसी नहीं होगा, तब तक वे सत्ता में आने का सपना भी नहीं देख सकते।" AIMIM नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अगले विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न सामाजिक और चुनावी समूहों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने पिछड़ी जातियों, दलितों और अल्पसंख्यक समुदायों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक रणनीति बनाने की कोशिश की है।

AIMIM नेता का इमरान मसूद पर हमला

चौहान ने दावा किया कि AIMIM यादव के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकल्प बनी हुई है और सुझाव दिया कि अगर SP प्रमुख अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करना चाहते हैं तो ओवैसी की पार्टी के साथ सहयोग जरूरी होगा। चौहान ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि विपक्ष का हिस्सा होने के बावजूद वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मसूद जिस तरह से BJP की तारीफ कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वे असल में सत्ताधारी पार्टी के साथ मिल गए हैं। चौहान ने अखिलेश यादव से अपने सोशल बेस पर ध्यान देने को भी कहा, क्योंकि उनका दावा है कि इसका एक हिस्सा BJP की ओर जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी

इससे पहले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का समर्थन करने और उसे मजबूत करने तथा उसके उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करने की अपील की। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया था कि जब हर समुदाय का अपना नेतृत्व हो सकता है तो देश के मुसलमानों का अपना नेतृत्व क्यों नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं और उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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