
अब मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड 15 दिनों में मिलेगा, चुनाव आयोग की तेजी
अब मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड 15 दिनों में मिलेगा। ऐसे में नए मतदाताओं के नाम जुड़ने व विवरण बदलने पर छह फरवरी के बाद उन्हें 15 दिनों के भीतर ही वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा।
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में नए मतदाताओं के नाम जुड़ने व विवरण बदलने पर छह फरवरी के बाद उन्हें 15 दिनों के भीतर ही वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा। यूपी की मतदाता सूची में 15.44 करोड़ वोटर हैं। बीएलओ घर-घर जाकर मतदताओं से गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। छह फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
मतदाता को वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को चुनाव आयोग ने तेज किया है। जिसमें मतदाता पहचान पत्र में बनाने से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। तैयार वोटर आईडी कार्ड को डाक विभाग की मदद से होम डिलीवरी के माध्यम से मतदाता के घर पहुंचाया जाएगा। हर चरण में मतदाता के पंजीकृत मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से अलर्ट भेजा जाएगा। जिससे वह अपने मतदाता पहचान पत्र की रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। वह यह आसानी से देख सकेंगे कि कब तक उन्हें उनका वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा। फिलहाल, हर चरण में एसएमएस अलर्ट की सुविधा दी गई है। यही नहीं अपना ई-वोटर आईडी कार्ड वह ईसीआईनेट एप या फिर चुनाव आयोग की वेबसाइट से भी इसे डाउनलोड कर सकेगा।
यूपी में चार दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवा कर जमा करेंगे। फिर ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन नौ दिसंबर को किया जाएगा। फिर दावे और आपत्तियां नौ दिसंबर से लेकर आठ जनवरी तक मतदाता कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात फरवरी को किया जाएगा। बीते 27 अक्तूबर तक जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में थे, उन 15.44 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटा जा रहा है।
वर्ष 2003 के बाद शादी वाली महिलाएं मायके का विवरण भरें
ऐसी महिलाएं जिनकी शादी वर्ष 2003 के बाद हुई है। वह अपने मायके का विवरण गणना प्रपत्र पर भरें। अपने माता-पिता, बाबा-दादी और नाना-नानी का डिटेल भर सकती हैं। किसी भी तरह की कठिनाई होने पर अपने बीएलओ से जानकारी हासिल कर सकती हैं।
ऑनलाइन सेवाओं का उठाएं लाभ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऑनलाइन सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। वह हेल्पलाइन नंबर-1950 की मदद से बुक अ कॉल विद बीएलओ के माध्यम से अपने बीएलओ से बात करें। फिर वह बीएलओ 48 घंटे में उनकी समस्या का समाधान करेगा। अगर आधार से लिंक मोबाइल नंबर है तो ऑनलाइन भी गणना प्रपत्र भरा जा सकता है। क्योंकि इसमें मोबाइल पर ओटीपी जाता है। बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन फॉर्म भर रहे हैं।





