यूपी एसआईआर के बाद जारी वोटर लिस्ट से बढ़ीं दलों की धड़कनें, 238 सीटों पर 10% से अधिक नाम कटे
सर्वाधिक 34.18% मतदाताओं के नाम लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर कटे हैं। 30% से अधिक नाम कटने वाली विधानसभा सीटें में इलाहाबाद उत्तर में 34.01%, लखनऊ पूर्व में 31.01, लखनऊ उत्तर में 31%, आगरा कैंट में 30.47% और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर 30.36% के नाम कटे हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची ने राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी है। प्रदेश की 403 में 238 विधानसभा क्षेत्रों में 10% से अधिक मतदाताओं के नाम कटे हैं। वहीं 35 सीटें ऐसी हैं जिसमें 20% से ज्यादा लोगों के नाम कटे हैं। छह सीटों पर तो 30% और उससे अधिक नाम काटे गए हैं।
मतदाता सूची में 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या में सर्वाधिक 34.18% नाम लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर कटे हैं। 30% से अधिक नाम कटने वाली विधानसभा सीटें में इलाहाबाद उत्तर में 34.01%, लखनऊ पूर्व में 31.01, लखनऊ उत्तर में 31%, आगरा कैंट में 30.47% और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर 30.36% मतदाताओं के नाम कटे हैं। वहीं 20% से ज्यादा नाम कटने वाली सीटों में लखनऊ मध्य, कानपुर की कल्याणपुर, मेरठ कैंट, कानपुर कैंट, आगरा उत्तर, बरेली कैंट, कानपुर की आर्यनगर, आगरा दक्षिण और बरेली विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर 25% व उससे अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
अनुपस्थित-स्थानांतरित 74% वोट कटे
एसआईआर में नाम कटने वालों में सबसे ज्यादा 74 प्रतिशत अनुपस्थित व स्थानांतरित मतदाता हैं। मतलब जो जिस जगह रह रहा था, वह वहां से चला गया या फिर इनका कोई अता-पता नहीं मिला। आपत्तियों व नोटिस पाने वाले मतदाता सिर्फ 1.17 प्रतिशत है।
यूपी में 27 अक्तूबर 2025 को एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 15.44 करोड़ वोटरों की मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया गया। इसके बार 4 नवंबर से 26 दिसंबर 2025 तक गणना चरण चला। इसमें 2.89 करोड़ ऐसे वोटर मिले जो मृत, अनुपस्थित-स्थानांतरित व डुप्लीकेट थे, उनके नाम काट दिए गए। इन मतदाताओं के नाम हटाते हुए 6 जनवरी 2026 को 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। इसमें 1.04 करोड़ लोगों के नाम का माता-पिता, बाबा-दादी व नाना नानी से मिलान न होने और 2.22 करोड़ मतदाताओं को तार्किक विसंगति के लिए नोटिस दी गई। दावे व आपत्तियों का चरण 6 जनवरी से 6 मार्च तक चला। इसमें नोटिस पाने वालों के साथ नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 व नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरे गए। अब इस चरण में 92 लाख मतदाताओं के नाम जुड़े और 8.15 लाख मतदाताओं के नाम कटे। यानी शुद्ध 84.28 लाख नाम जुड़े हैं।
राजनीतिक दल सियासी गुणा-भाग में लगे
एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब राजनीतिक दल गुणा-भाग में लगे हुए हैं। सबसे कम ललितपुर की महरौनी विधानसभा सीट पर 4.21%, पीलीभीत की बरखेड़ा सीट पर 4.74 और मुरादाबाद की कुंदरकी सीट 4.93% मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। कुल 2.04 करोड़ मतदाता पिछली मतदाता सूची से घटे हैं और 13.39 करोड़ की अंतिम मतदाता सूची जारी हुई है। फिलहाल जहां ज्यादा नाम कटे हैं, वहां दल नए सिरे से रणनीति तैयार कर रहे हैं।
दावे-आपत्तियों के बाद बढ़े भी हैं 84 लाख मतदाता
नोटिस पाने वाले वोटर जो कि मतदाता सूची से नाम मिलान, तार्किक विसंगति और आपत्ति किए जाने के कारण काटे गए वह सिर्फ 3.50 लाख हैं। जो भारत के नागरिक नहीं थे या उम्र कम थी ऐसे 2269 वोटरों के नाम कटे जो 0.007 प्रतिशत है। अब अगर जोड़ व घटाव के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 12.55 करोड़ व दावे-आपत्ति के चरण में बढ़े शुद्ध 84.28 लाख मतदाताओं के नाम जोड़ दें तो कुल मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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