
VIDEO: स्वास्थ्य व्यवस्था पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, युवक की मौत के बाद विधायक से तीखी नोकझोंक
देवरिया में सर्पदंश से युवक की हुई मौत के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे स्थानीय विधायक से स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़ा करने को लेकर ग्रामीणों से बहस हो गई। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यूपी के देवरिया में विधायक और ग्रामीणों की बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल सर्पदंश से युवक की हुई मौत के बाद खामपार थाना क्षेत्र के बंधी भीसा गांव में परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे स्थानीय विधायक सभाकुंवर कुशवाहा से स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़ा करने को लेकर ग्रामीणों से बहस हो गई। तीखी बहस के बाद विधायक ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया, साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। अब सोशल मीडिया पर विधायक से बहस करने का दो वीडियो वायरल हो गया है। हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि हिन्दुस्तान नहीं करता है।

खामपार थाना क्षेत्र के बंधी भीसा के रहने वाले बिट्टू कुशवाहा की सर्पदंश से 14 अगस्त को मौत हो गई थी। शनिवार को क्षेत्रीय विधायक सभाकुंवर परिजनों से मिलने गांव पहुंचे और सांत्वना देने लगे। इस बीच कुछ युवक स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़ा करते हुए विधायक से तीखी बहस करने लगे। युवकों का कहना था कि अस्पताल में बड़ी लापरवाही है। इलाज में लापरवाही तो हो ही रही है। अस्पताल के हैंडपंप से पानी तक नहीं आ रहा है। विधायक इस पर बिफर पड़े, उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लेकर आज तक आप लोग हमारे पास आए हो तो बताइए, विधायक ने कहा कि कोई अपने भाई और भाभी का शिकायत लेकर आएगा, तो उसमें हम कुछ नहीं कर पाएंगे। व्यक्तिगत झगड़ा लेकर के कोई भी आएगा तो उसमें मैं किसी की मदद नहीं कर पाऊंगा। इसके अतिरिक्त कोई परेशानी है तो बताए, उसकी मदद की जाएगी।
विधायक ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लापरवाही की गई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीएचसी को सीएचसी मेरे प्रयास से कया गया है। 35 वर्ष से जो जनप्रतिनिधि था, उससे आप लोगों ने आज तक कोई शिकायत नहीं किया। पूर्ववर्ती सरकारों का ही देन है कि आज स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं लचर है।
इसलिए व्यवस्था से नाराज थे ग्रामीण
बंधी भीसा के रहने वाले बिट्टू कुशवाहा को 14 अगस्त की सुबह सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन पीएचसी ले गए, चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस की मदद के लिए फोन मिलाया, आधे घंटे तक इंतजार किए, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। इसके बाद बाइक से ही लोग मेडिकल कालेज बिट्टू कुशवाहा को ले गए, लेकिन तब तक विलंब हो चुका था और उसकी मौत हो गई। लोगों का कहना है कि अगर लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं नहीं होती तो बिट्टू की जान बच गई होती। इसी बात को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी थी।





