
.दक्षिण की तीर्थयात्रा में सरकार मदद करेगी: योगी
Varanasi News - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी-तमिल संगमम् के दौरान दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों की यात्रा करने वालों को सहायता देने की घोषणा की। रामेश्वर, कन्याकुमारी, त्रिवेंद्रम और मदुरई के तीर्थयात्रियों के लिए पर्यटन विभाग रियायत दर पर प्रबंध करेगा। तमिल सीखने वाले छात्रों को विशेष पैकेज और फेलोशिप भी मिलेगी।
वाराणसी, विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को काशी-तमिल संगमम् के मंच से घोषणा की है कि दक्षिण भारत के तीर्थस्थलों की यात्रा करने वालों को प्रदेश सरकार मदद करेगी। रामेश्वर, कन्याकुमारी, त्रिवेंद्रम और मदुरई के तीर्थयात्रियों के आवागमन, खानपान और आश्रय में पर्यटन विभाग रियायत दर पर प्रबंध करेगा। योगी ने यह भी ऐलान किया है कि तमिल सीखने और शोध करने वालों को विशेष पैकेज भी दिया जाएगा। दो दिनी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने नमो घाट पर 15 दिसम्बर तक चलने वाले संगमम् के चौथे संस्करण का शुभारम्भ किया। मंच पर उनके साथ तमिलनाडु राज्यपाल आरएन. रवि, पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संसदीय कार्य एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और तमिलनाडु की संस्कृतियां सदियों से जुड़ी हैं। काशी-तमिल संगमम् का यह अभियान ज्ञान, साधना और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि संगमम् जैसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बड़े उदाहरण हैं। यह लोगों के भविष्य का निवेश भी है। उन्होंने कहा कि मनीषियों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की जो कल्पना की थी उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं। तमिल पर शोध करने वाले को मिलेगी फेलोशिप तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन. रवि ने तमिल भाषा के और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कहा कि तमिल के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जितना किया है, उतना आज तक नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने काशी-तमिल संगमम् के जरिए न केवल भाषा बल्कि संस्कृति, साहित्य और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ा। इसका असर तमिलनाडु के घरों में भी दिख रहा है। वहां संगमम् और काशी की खूब चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि इस बार के आयोजन से तमिल सीखने के प्रति छात्रों में उत्साह बढ़ेगा। तमिल पर शोध करने वाले प्रत्येक छात्र को सरकार फेलोशिप देगी जन आंदोलन बन चुका है संगमम्: धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु से पहुंचे छात्रों का अभिनंदन करते हुए कहा कि काशी, प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा निश्चित ही आपके जीवन में परिवर्तन का केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि काशी-तमिल संगमम् अब जन आंदोलन बन चुका है। लगातार आयोजन होने से अब दोनों शहरों में एक दूसरे की भाषाएं बोलने की दिक्कत नहीं रह गई है। यहां के घाट से दुकानों तक में तमिल बोली जाने लगी है। छात्रो ने किया काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण में भाग लेने आए पहले दल में शामिल छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उद्घाटन समारोह में शिरकत करने के बाद क्रूज से गंगा विहार किया। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखी। रात में नमो घाट पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। बुधवार सुबह वे बीएचयू में आयोजित एकेडमिक सत्रों में हिस्सा लेंगे।

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