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सावन: आस्था का जलकलश लेकर बाबा का अभिषेक करनेे निकलें यादव बंधु-VIDEO

परम्परागत तरीके से यादव बंधुओं ने किया जलाभिषेक

काशी के यदुवंशी समाज ने श्रीकाशी विश्वनाथ सहित अन्य प्रमुख शिवालयों व मंदिर में जलाभिषेक की 86 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वाह किया। प्रात: सात बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक सोनारपुरा से दशाश्वमेध के बीच यदुवंशियों का रेला ही नजर आ रहा था।

पारंपरिक परिधान में यदुवंशी खास अंदाज में महादेव-महादेव का घोष करते हुए एक से दूसरे शिवालय की ओर बढ़ते रहे। जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत केदारघाट से हुई। सबसे पहले गौरीकेदारेश्वर का जलाभिषेक करने शहरभर से यदुवंशियों का जुटान केदार घाट पर हुआ। गंगा का जलस्तर अत्यधिक बढ़ जाने से घाट पर स्थान की कमी हो गई। वहीं शहरभर से  यदुवंशियों के वहां पहुंचने की रफ्तार भी तेज होती जा रही थी। सुबह सात बजे तक हजारों यदुवंशी अपने-अपने गगरों में गंगाजल लेकर केदारमंदिर में प्रवेश कर चुके थे। करीब डेढ़ घंटे तक बाबा के अभिषेक का क्रम चलता रहा और इस दौरान सामान्य दर्शनार्थी कतार में खड़े अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। 

केदारघाट पर यदुवंशियों के घाट पर प्रवेश और निकासी की व्यवस्था एक ही मार्ग से किए जाने पर चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विरोध भी दर्ज कराया। केदार गली से केदार घाट की ओर खुलने वाली करीब तीस मीटर लंबी गुफा नुमा गैलरी में प्रकाश की व्यवस्था न होने से कुछ किशोरवय यदुवंशी दब भी गए थे। गौरीकेदारेश्वर को जल अर्पित करने के बाद यदुवंशियों का समूह छोटे-छोटे जत्थों में स्वयंभू तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर की ओर रवाना होता गया। वहां से हजारों यदुवंशी गोदौलिया चौराहे पर इकट्ठा हुए। पूर्वाह्न करीब साढ़े आठ बजे यदुवंशियों का समूह पीतल की ध्वजा लेकर दशाश्वमेध घाट की ओर बढ़ा। इस समूह में डमरूदल भी थे। 

वहीं कुछ यदुवंशियों ने शिवस्वरूप धारण कर इस ऐतिहासिक यात्रा में अपनी भूमिका निभाई। पारंपरिक परिधान में यदुवंशियों ने दशाश्वमेध घाट से जल लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर प्रस्थान किया। पूर्वाह्न नौ से 11 बजे तक सिर्फ यदुवंशियों ने ही बाबा का जलाभिषेक किया। काशी विश्वनाथ मंदिर के उपरांत यह समूह महामृत्युंजय महादेव, लाट भैरव होते हुए सारंगनाथ महादेव मंदिर तक गया। 

 

चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस
सावन के पहले सोमवार पर काशी में शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात की गई है। सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग हो गई है। पूरे शहर में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी संदिग्ध लोगों पर नजर रख रहे हैं। खुफिया एजेंसी भी सतर्क हैं। सुरक्षा में 13 एएसपी, 29 सीओ , 305 एसआई, 1950 कांस्टेबल, 230 महिला आरक्षी,171  यातायात पुलिसकर्मी लगे हैं। इसके अलावा आरएएफ की दो कंपनी, पीएसी की आठ कंपनी भी जगह-जगह तैनात है। काशी विश्वनाथ मन्दिर के अलावा छोटे-छोटे शिवालों और मन्दिरों पर भी पुलिस की तैनाती की गई है। चौराहों पर यातायात के सुगम संचालन के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ, ट्रैफिक ब्रिगेड व होमगार्ड सक्रिय रहेंगे।

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  • Web Title:Yadav society arrived at Kashi Vishwanath temple