अश्वगंधा के सेवन से कम होता है तनाव : प्रो. महेश कुमार दाधीच
Varanasi News - वाराणसी में प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रो. महेश कुमार दाधीच ने अश्वगंधा के फायदों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में हर छठा व्यक्ति तनाव से जूझ रहा है और अश्वगंधा तनाव कम करने में सहायक है। यह मधुमेह और पुरुषों में बांझपन की समस्या को भी नियंत्रित करने में मददगार है।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन (पीसीएफ) की ओर से पहड़िया स्थित होटल में अश्वगंधा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (एनएमपीबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. महेश कुमार दाधीच थे। प्रो. दाधीच ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर छठा व्यक्ति तनाव से जूझ रहा है। ऐसे में अश्वगंधा तनाव कम करने में कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मधुमेह को नियंत्रित करने में भी काफी उपयोगी है। उन्होंने पुरुषों में बढ़ती हुई बांझपन (इंफर्टिलिटी) की समस्या पर भी प्रकाश डाला। प्रो. दाधीच के अनुसार पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने के कारण यह समस्या बढ़ रही है।
नियमित अश्वगंधा सेवन से स्पर्म काउंट में सुधार आता है। शोध में यह पाया गया है कि इसके सेवन से स्पर्म काउंट में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि टीम चरणवार औषधि पौधों पर काम कर रही है। पहले गिलोय और अश्वगंधा पर शोध हुआ, जबकि भविष्य में सतावरी पर काम किया जाएगा। पीसीएफ के अध्यक्ष एवं अश्वगंधा अभियान के मुख्य अन्वेषक डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर राजू राय, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. सतीश जायसवाल, डॉ. वीरेंद्र कुमार वर्मा और सागर श्रीवास्तव ने अपने-अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। कार्यशाला का संचालन राजेश गुप्ता ने किया।
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