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कोरोना से जंग : ऑक्सीजन प्लांटों की टेस्टिंग शुरू, नहीं होगी किल्लत

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीNewswrap
Sun, 05 Dec 2021 03:12 AM
कोरोना से जंग : ऑक्सीजन प्लांटों की टेस्टिंग शुरू, नहीं होगी किल्लत

वाराणसी। कार्यालय संवाददाता

कोरोना के नए वैरएंट ओमीक्रॉन के संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस क्रम में जिले के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर लगे 23 प्रेशर स्विंग प्लांटों की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इन प्लांटों से 1751 बेड पर ऑक्सीजन की 24 घंटे सप्लाई हो सकती है। वहीं छह लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हैं। इन उपयोग इमरजेंसी में होगा।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भारी किल्लत को देखते हुए जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। एक बेड पर मरीज को सात लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की जरूरत होती है। 23 ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 12005 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की है। इस हिसाब से 1715 बेड पर मरीज को लगातार 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई हो सकती है। इससे भी ज्यादा जरूरत पड़ने पर छह लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट से मदद ली जाएगी। इनसे करीब तीन हजार बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई हो सकती है।

800 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

सभी पीएचसी और सीएचसी पर पांच और दस लीटर क्षमता वाले 800 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। इनके अलावा बनारस में पांच निजी ऑक्सीन प्लांट हैं। इनसे रोज पांच हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकते हैं।

पांच बड़े अस्पतालों में 2-2 प्लांट

जिले के पांच बड़े हॉस्पिटल में दो-दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें ईएसआईसी हॉस्पिटल में 500 और 613 एलपीएम का प्लांट लगा है। आईएमएस बीएचयू में 960 और 960 एलपीएम का दो प्लांट लगा है। रामनगर के एलबीएस हॉस्पिटल में 120 और 500 एलपीएम जबकि पांडेयपुर स्थित जिला हॉस्पिटल में 500 और 610 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। कबीर चौरा स्थित मंडलीय हॉस्पिटल में एक हजार और 960 एलपीएम का प्लांट है।

इनका कहना...

जिले में ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं होगी। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

-डॉ. राहुल सिंह, सीएमओ

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