अब काशी विश्वनाथ धाम की छत से देख सकेंगे गंगा आरती, सिर्फ इन लोगों के लिए व्यवस्था
Varanasi News - वाराणसी के ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती को अब काशी विश्वनाथ धाम की छत से देखा जा सकेगा। जिला और मंदिर प्रशासन ने खास लोगों यानी वीआईपी मेहमानों की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए यह नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है।

UP News: वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार यानी ललिता घाट पर होने वाली आरती अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगी। वाराणसी आने वाले विशिष्ट और अति-विशिष्ट (VIP) अतिथियों के लिए काशी विश्वनाथ धाम की छत यानी 'व्यूइंग गैलरी' से गंगा आरती निहारने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। जिला और मंदिर प्रशासन ने बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए ललिता घाट पर होने वाली आरती के लिए यह खाका तैयार किया है।
भीड़ से मिलेगी निजात, वीआईपी को मिलेगा विशेष अनुभव
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट जैसी पारंपरिक जगहों के साथ-साथ कुछ दिन पहले ही ललिता घाट पर गंगा आरती शुरू हुई है। यह गंगा आरती भी भक्तों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गई है। ललिता घाट पर मंदिर न्यास द्वारा आयोजित इस आरती को देखने के लिए हर शाम हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। आरती मंच और नीचे की सीढ़ियों पर भक्तों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि विशिष्ट अतिथियों को वहां तक ले जाना और बैठाना सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में विश्वनाथ धाम की छत (व्यूइंग गैलरी) का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।
बजड़े और क्रूज के शोर से दूर 'बर्ड आई व्यू'
फिलहाल दशाश्वमेध घाट पर होने वाली आरती को देखने के लिए वीआईपी मेहमानों के लिए अक्सर आगे की ओर लगी कुर्सियों का इंतजाम होता है। इससे सामान्य तीर्थयात्रियों और किनारे पर बैठे आस्थावानों को आरती देखने में असुविधा होती है। विश्वनाथ धाम की छत से आरती दिखाने की व्यवस्था होने से विशिष्ट अतिथि एक ऊंचाई से पूरे आयोजन का बजड़े और क्रूज के शोर से दूर 'बर्ड आई व्यू' ले सकेंगे। यहां से गंगा की लहरों, आरती के दीपों की रोशनी और पूरे धाम का मनोरम दृश्य एक साथ दिखाई देगा, जो पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।
व्यावसायिकता के बीच सादगी और भव्यता का संगम
वाराणसी के करीब आधा दर्जन घाटों पर गंगा आरती होती है। इनमें नमो घाट और ललिता घाट पर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से गंगा आरती कराई जाती है। कहा जा रहा है कि प्रशासन की इस नई पहल से न केवल पर्यटको और श्रद्धालुओं को सुविधा होगी बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा।
जल्द ही जिला प्रशासन और मंदिर न्यास इस व्यवस्था के संचालन के लिए नियमावली और प्रोटोकॉल तय करेंगे, जिससे भविष्य में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों को बिना किसी असुविधा के मां गंगा की इस दिव्य आराधना का साक्षी बनाया जा सके।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।
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