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13 अगस्त, 2020|10:42|IST

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वाराणसीः प्रतिवाद मार्च निकाल रहे लोगों को पहले पुलिसलाइन फिर जेल भेजा, गिरफ्तारी के खिलाफ भी मार्च VIDEO

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रतिवाद मार्च निकालने की कोशिश में विभिन्न दलों के दर्जन कार्यकर्ताओं को पहले हिरासत में लिया गया फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आयोजन में शामिल लोग मार्च की इजाजत मिलने की बात पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से कहते रहे लेकिन किसी की एक नहीं सुनी गई। गिरफ्तारी के खिलाफ दोपहर बाद जिला मुख्यालय से भी मार्च निकाला गया। यह मार्च पुलिस लाइन तक गया। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां शामिल हुईं। मार्च निकाल रहे लोगों की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च निकालने वालों की फोटो भी देर शाम पुलिस ने जारी करते हुए इनके बारे में लोगों से जानकारी देने को कहा है।

भाकपा माले समेत विभिन्न संगठनों ने गुरुवार की दोपहर बेनियाबाग मैदान में सभा करने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर सुबह छह बजे से ही बेनियाबाग, दालमंडी, नई सड़क, गिरजाघर, चेतगंज, लहुराबीर समेत कई इलाकों में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। बेनियाबाग तिराहे से बेनिया मैदान की तरफ किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा था और बैरिकेडिंग कर दी गई थी। जिलाधिकारी व एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं करने की चेतावनी दी थी।

इसके बावजूद भाकपा माले समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता प्रतिवाद मार्च लेकर बेनियाबाग तिराहे पर पहुंचे, जहां उन्हें रोकने की कोशिश हुई तो नोकझोंक शुरू हो गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें अनुमति मिली हुई है। इसके बाद भी सभी को हिरासत में लेकर पुलिसलाइन भेज दिया गया। दोपहर बाद गिरफ्तार किये गए 68 लोगों को जेल भेज दिया गया।

माहौल सामान्य रहे इसलिए एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एडीजी जोन ब्रजभूषण ने फोर्स के साथ नई सड़क, दालमंडी, हड़हा सराय समेत कई इलाकों में पैदल मार्च किया और दुकानदारों से दुकान खोलने और बेवजह सड़क पर खड़े नहीं रहने की अपील की। 

वाराणसी के चेतगंज इलाके में विभिन्न दलों ने प्रतिवाद मार्च निकाला। अशफाकुल्लाह खां और रामप्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर नागरिकता बिल का विरोध करने बीएचयू की ज्वाइंट एक्शन कमेटी, साझा संस्कृति मंच, वामपंथी संगठन आदि ने मार्च निकालने की कोशिश की।पुलिस ने पहले मार्च करने से इन्हें रोका। न रुकने पर गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। जुलूस में शामिल पूर्व आप नेता संजीव सिंह ने कहा कि प्रशासन ने हमें इजाजत दी है। हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। फिर भी गिरफ्तारी की जा रही है। दोपहर बाद सभी को जेल भेज दिया गया। वहीं, गिरफ्तारी के विरोध में काफी संख्या में महिलाएं मुख्यालय पहुंच गई और पुलिस लाइन तक जुलूस निकाला।

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  • Web Title:Varanasi taking protest march first sent to the policeline than jail the march against arrest is also VIDEO