लंदन, और न्यूयार्क की झलक दिखाएगा ‘सनातन स्क्वायर’
वाराणसी में 'सनातन स्क्वायर' का प्रस्ताव है, जो लंदन के पिकाडिली सर्कस और न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर से प्रेरित है। इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को शांति और सुकून प्रदान करना है, जहां मंदिरों की श्रृंखला, लाइव आरतियों और शाकाहारी व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा।

वाराणसी, हिटी। गुरुधाम चौराहा तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित 'सनातन स्क्वायर' में लंदन के पिकाडिली सर्कस, न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर, मिडटाउन मैनहट्टन के ब्रॉडवे तथा सेवेंथ एवेन्यू की झलक मिलेगी। पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय इन स्थानों में वहां की विरासत से रूबरू होने के साथ ही राहत के ढेरों सोपान रुचि के अनुरूप चयन के लिए मौजूद हैं। 'सनातन स्क्वायर' के परिकल्पनाकार प्रदेश के स्टांप राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल कुछ महीने पहले एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में लंदन गए थे। अपने परिवारीजनों से वहां के पिकाडिल सर्कस और टाइम्स स्क्वायर के बारे में सुन रखा था। संयोग से पिकाडिल सर्कस जाना हुआ। वहां का दृश्य और सुकून देखकर विचार कौंधा, क्यों न अपने शहर में भी ऐसी जगह बनाई जाए। बकौल रवींद्र जायसवाल, घाटों-आरतियों और प्रमुख मंदिरों में बढ़ी भीड़ के बीच शांति-सुकून की जगह की तलाश गुरुधाम चौराहे के तौर पर पूरी हुई। अपनी परिकल्पना के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया तो पलभर में ही सहमति मिल गई। कल्पना को मूर्त रूप देने का मार्ग प्रशस्त हो गया। तत्काल वीडीए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। अब विकास प्राधिकरण ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है और टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
चौराहे के चारों ओर मंदिरों की अनूठी शृंखला
गुरुधाम चौराहे पर खड़े होकर चारों दिशाओं में नजर दौड़ाइए। 100-120 फुट की सड़क के दोनों तरफ मंदिरों की अनूठी शृंखला नजर आएगी। हर मंदिर का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व आंखों में तैर जाएगा। इन सड़कों के दोनों तरफ 20-20 फीट का पाथवे बनेगा जो सड़क से तकरीबन आठ इंच ऊंचा होगा। यहां सुंदर चबूतरे निर्मित किए जाएंगे। विशाल वृक्ष की छांव और मंदिरों से उठती घंट-घड़ियाल की आवाजें मनोरम वातावरण तैयार करेंगी। यहां शाम से रात तक चहल-पहल होगी। शाकाहारी व्यंजन की दुकानें स्वाद कार्नर के रूप में मशहूर हो जाएंगी।
स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी आरतियां
रवींद्र जायसवाल कहते हैं, सनातन स्क्वायर में कई स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर काशी विश्वनाथ, कालभैरव, संकटमोचन, मां कूष्मांडा आदि मंदिरों की प्रमुख आरतियों को लाइव देखा जा सकेगा। यही नहीं लोग गंगा आरती भी देख सकेंगे। शाकाहारी स्वाद का एक कोना लोगों को लुभाएगा। डमरू-त्रिशूल की प्रतिकृतियों के साथ ही लोक गीत-संगीत के भी कार्यक्रम होंगे। इलाका साइलेंस जोन और पैदल चलनेवालों के लिए सुरक्षित रहेगा। कालांतर में सूरत, अहमदाबाद और इंदौर के नाइट मार्केट का भी एक स्वरूप यहां सामने आएगा।
परिकल्पना के मूर्त रूप लेने के बाद काशी की संस्कृति, संस्कार, धार्मिकता, लोकगीत-संगीत और शाकाहारी स्वाद का एक नवीनतम वातावरण शहर के लोगों और पर्यटकों को मिलेगा।
रवींद्र जायसवाल, स्टांप राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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