बोले काशी - कीचड़ भरी गलियों में कैद तकदीर, सड़क-गंदगी भी बिगाड़ रही तस्वीर
Varanasi News - वाराणसी के फरीदपुर मोहल्ले में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी है। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जबकि सड़कें जर्जर हैं। स्थानीय पोखरी में गंदगी और बदबू फैली हुई है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मोहल्लेवासियों ने नगर निगम से सफाई और सुधार की मांग की है।

वाराणसी। फरीदपुर मोहल्ले पर नगर निगम का वर्षों पहले ठप्पा लगा लेकिन इसकी तकदीर आज भी पुराने टूटे खड़ंजों और कीचड़ भरी गलियों में कैद है। यहां की प्राचीन पोखरी, जो कभी आस्था का दर्पण थी, अब गंदगी और बदबू का केंद्र बन चुकी है। स्ट्रीट लाइटों के अभाव में शाम ढलते ही सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। रिंग रोड पुलिया पर नशेड़ियों का जमावड़ा बाशिंदों का सुकून निगल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर आश्वासन का झुनझुना थामे नागरिक प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहें लगाए हुए हैं। ------------------------------------ सारनाथ वार्ड के फरीदपुर मोहल्ले की आबादी दो हजार के आसपास है।
‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में देवीशंकर पांडेय ने बताया कि अघरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। पुरानी पोखरी गंदगी से भर गई है। मुख्य मार्ग नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। इससे स्थानीय निवासी त्रस्त हैं। नित्यानंद पाण्डेय ने बताया कि मोहल्ले की मुख्य सड़क कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है, जिससे आवागमन दूभर हो गया है। इस मार्ग की आखिरी बार मरम्मत लगभग 15 साल पहले हुई थी। अशोक कुमार पाण्डेय और बेचन पाण्डेय बोले, वर्तमान में सड़क पर जगह-जगह ऊबड़-खाबड़ पत्थर निकल आए हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का सबब बन रहे हैं। बरसात में जलजमाव के कारण आवागमन कठिन हो जाता है। पारसनाथ पाण्डेय, सुशील चौबे ने कहा कि नगर निगम के अंतर्गत आने के बावजूद फरीदपुर मोहल्ले में आज तक सीवर पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। जलनिकासी न होने से घरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे क्षेत्र में गंदगी और संक्रमण का खतरा बना है। प्रमोद कुमार चौबे और विपिन पाण्डेय ने कहा कि जलनिकासी के लिए मोहल्ले की पोखरी को अस्थायी केंद्र बना दिया गया है, लेकिन वह भी कुछ ही घरों को राहत दे पा रही है। शेष मोहल्ले का पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। गंदगी का केंद्र बनी पोखरी संजीव पाण्डेय और मुकेश शर्मा ने कहा कि जलनिकासी का कोई अन्य साधन न होने के कारण कुछ घरों का गंदा पानी इसी पोखरी में गिराया जा रहा है। इससे इलाके में मच्छरों का प्रकोप चरम पर है और जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। पोखरी से उठने वाली दुर्गंध से घरों में सांस लेना दूभर हो गया है। मुकेश पाण्डेय, प्रमोद शर्मा ने कहा कि गंदगी के कारण धार्मिक आस्था भी प्रभावित हो रही है। पहले इस पोखरी का उपयोग छठ पूजा और जिउतिया जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों के लिए होता था, लेकिन अब कोई स्वच्छ जलस्रोत नहीं बचा है। मोहल्लेवासियों ने नगर निगम से पोखरी की तत्काल सफाई, जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण की मांग की है, ताकि इसे फिर से पूजा-पाठ के योग्य बनाया जा सके। सफाई व्यवस्था फेल अनुज पाण्डेय, प्रदीप चौबे के मुताबिक मोहल्ले में सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। सफाई कर्मी केवल मुख्य सड़क तक ही सीमित रहते हैं, जबकि मोहल्ले की गलियों में हफ्तों तक झाड़ू नहीं लगता है। गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का डर बना है। विकास पाण्डेय और कमलेश पाण्डेय ने कहा कि इलाके में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधा भी ठप है। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के न आने से लोग अपने घरों का कचरा खाली प्लॉटों या रास्तों के किनारे फेंकने को मजबूर हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि नगर निगम की सीमा में आने के बावजूद हमें नारकीय स्थितियों में रहना पड़ रहा है। स्ट्रीट लाइटें बंद, फॉगिंग भी नहीं देवीशंकर पाण्डेय और रोहित पाण्डेय ने ने ध्यान दिलाया मोहल्ले के कई हिस्सों में आज तक स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गई हैं। जहां लगी भी हैं, वे लंबे समय से खराब हैं। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे असुरक्षा की भावना बनी रहती है। अशोक कुमार पाण्डेय, मंगरु पाण्डेय बोले कि गंदगी और जलजमाव के बीच फॉगिंग नहीं कराई जाती है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बावजूद प्रशासन सोया हुआ है। नशेड़ियों का अड्डा बनी रिंग रोड पुलिया नित्यानंद पाण्डेय, आदर्श ने कहा कि रिंग रोड पुलिया अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन गई है। हाईवे से मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित शराब के ठेकों के कारण यहां नशेड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अनुज पाण्डेय बोले, शाम होते ही बाहरी गाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जिससे न केवल मुख्य मार्ग अवरुद्ध होता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। गोलू पाण्डेय और बेचन पाण्डेय ने बताया कि मोहल्ले में चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन पुलिस गश्त न के बराबर है। पुलिस की अनदेखी के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
हमारी व्यथा सुनें 1. वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। जगह-जगह पत्थर निकल आए हैं, पैदल चलना भी कठिन है, प्रशासन कब जागेगा? - नित्यानंद पाण्डेय 2. नगर निगम में होने के बाद भी यहां सीवर पाइप लाइन नहीं है। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। जलनिकासी बंद है। - देवीशंकर पाण्डेय 3. मोहल्ले की पोखरी कचरा घर बन गई है। बदबू के कारण अपने ही घर में चैन से सांस नहीं ले पा रहे हैं। - अशोक कुमार पाण्डेय 4. छठ पूजा और जिउतिया जैसे त्योहारों के लिए मोहल्ले में साफ जलस्रोत नहीं बचा। पोखरी का जीर्णोद्धार बहुत जरूरी है। - बेचन पाण्डेय 5. सफाईकर्मी सिर्फ मुख्य सड़क पर झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। गलियों में गंदगी जमा रहती है। कूड़ा उठान भी नहीं होता। - पारसनाथ पाण्डेय 6. मोहल्ले में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाली गाड़ी कभी नहीं आती। मजबूरी में लोग खाली प्लॉटों में कचरा फेंक रहे हैं। - सुशील चौबे 7. जगह-जगह लगीं स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब हैं। असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर मोहल्ले में सक्रिय हो जाते हैं। - प्रमोद कुमार चौबे 8. रिंग रोड पुलिया नशेड़ियों का अड्डा बन गई है। शाम होते ही बाहरी गाड़ियों का जमावड़ा लगने से आवाजाही बाधित रहती है। - मुकेश शर्मा 9. हाइवे के पास शराब का ठेका होने से नशेड़ियों की संख्या बढ़ रही है। पुलिस गश्त न होने से मोहल्ले में चोरियां बढ़ गई हैं। - अनुज पाण्डेय 10. जलजमाव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप चरम पर हैं। वर्षों से यहां फॉगिंग नहीं कराई गई है, बीमारियां फैल रही हैं। - संजीव पाण्डेय 11. बरसात में सड़कों पर कई दिनों तक कीचड़ जमा रहता है। न जलनिकासी की व्यवस्था है और न ही कोई जनप्रतिनिधि सुनने वाला है। - प्रदीप चौबे 12. हमारा मोहल्ला नगर निगम का हिस्सा है, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। क्या फरीदपुर का विकास कभी हो पाएगा? - विकास पाण्डेय
सुझाव
1. फरीदपुर की मुख्य सड़क के साथ ही गलियों में प्राथमिकता के आधार पर सीसी रोड बनवाया जाए। इससे आवाजाही सुगम होगी। 2. सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू किया जाए। जलनिकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण हो। 3. मोहल्ले की ऐतिहासिक पोखरी का सुंदरीकरण किया जाए ताकि छठ पूजा और अन्य अवसरों पर लोगों को परेशानी न हो। 4. फरीदपुर में सप्ताह में कम से कम दो बार फॉगिंग, गलियों में नियमित झाड़ू लगाने की व्यवस्था के साथ डोर टू डोर कूड़ा उठान हो। 5. रिंग रोड पुलिया और मोहल्ले की मुख्य सड़क पर पुलिस पिकेट बनाई जाए। मोहल्ले में नई स्ट्रीट लाइटें भी बहुत जरूरी हैं।
शिकायतें
1. मोहल्ले में पिछले 15 वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। जगह-जगह पत्थर बाहर निकल आए हैं। आवागमन में लोगों को दिक्कतें होती हैं। 2. सीवर सुविधा न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बरसात में स्थिति दयनीय हो जाती है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। 3. फरीदपुर में सफाईकर्मी केवल मुख्य सड़क तक सफाई करते हैं। गलियों में झाड़ू लगाने और कूड़ा उठान पर ध्यान नहीं दिया जाता। 4. रिंग रोड पुलिया पर शाम केबाद नशेड़ियों का जमावड़ा हो जाता है। असुरक्षा का माहौल बन जाता है। पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं देता। 5. मोहल्ले में लगी स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब हैं। शिकायत के बाद भी नगर निगम उनकी मरम्मत नहीं करा रहा है।
बोले जिम्मेदार
शासन को भेजा है सीवर लाइन का प्रस्ताव फरीदपुर में सड़क-सीवर और जलनिकासी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही कार्य शुरू होगा। गांव की पोखरी के जीर्णोद्धार के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है। बजट आवंटित होने पर काम शुरू होगा। वहां और स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएगी। फॉगिंग के लिए नगर निगम के अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। -अभय पांडेय, पार्षद, सारनाथ वार्ड।
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