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ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत आईआईटी बीएचयू में स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत आईआईटी बीएचयू में स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

संक्षेप:

Varanasi News - उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत वाराणसी और गोरखपुर में ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की स्वीकृति दी है। इसका लक्ष्य हाइड्रोजन-ईंधन से संचालित ट्रेन और बसों का संचालन करना है, जिससे क्षेत्र में स्वच्छ गतिशीलता समाधान को बढ़ावा मिलेगा।

Dec 10, 2025 12:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति–2024 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर में संयुक्त रूप से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह अनुमोदन उत्तर प्रदेश नव एवं अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन से संबंधित अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण और औद्योगिक अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है। महत्वाकांक्षी पहल का प्रमुख लक्ष्य रेलवे मंत्रालय के सहयोग से वाराणसी और गोरखपुर के बीच हाइड्रोजन-ईंधन से संचालित ट्रेन का संचालन करना है। इस परियोजना के माध्यम से हाइड्रोजन के भंडारण, परिवहन, संचालन दक्षता और विभिन्न अनुप्रयोगों का व्यापक परीक्षण किया जा सकेगा।

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इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) भी इसी मार्ग पर ग्रीन हाइड्रोजन-चालित बसों की शुरुआत करने की योजना बना रहा है, जिससे यह क्षेत्र स्वच्छ गतिशीलता समाधान (क्लीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस) का अग्रणी केंद्र बन सकेगा। परियोजना से संबंधित लगभग 50% अवसंरचना एमएमएमयूटी, गोरखपुर में विकसित की जाएगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रौद्योगिकी तंत्र और सशक्त होगा। आईआईटी (बीएचयू) इस सेंटर का लीड इंस्टीट्यूशन होगा, जो रणनीतिक दिशा, अनुसंधान नेतृत्व और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसमें समन्वयक: डॉ. प्रीतम सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, सेरामिक इंजीनियरिंग विभाग सह-समन्वयक: डॉ. जे. वी. तिर्की, एसोसिएट प्रोफेसर; डॉ. अखिलेंद्र प्रताप सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग; तथा डॉ. आशा गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर, केमिस्ट्री विभाग को बनाया गया है।