
जन आंदोलन बन गया है संगमम्ः प्रधान
Varanasi News - केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संगमम् के उद्घाटन पर कहा कि काशी ज्ञान और अध्यात्म की भूमि है। उन्होंने तमिलनाडु मुख्यमंत्री को काशी के कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। प्रधान ने सांस्कृतिक विविधता की ताकत पर जोर दिया और उत्तर प्रदेश एवं तमिलनाडु के बीच बौद्धिक आदान-प्रदान की सराहना की।
वाराणसी, विशेष संवाददाता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संगमम् के उद्घाटन के मौके पर कहा कि काशी पवित्रता, ज्ञान तथा अध्यात्म की धरती है। दोनों संस्कृतियों के बीच सदियों पुराना नाता रहा है। संगमम् अब एक जन-आंदोलन बन गया है। उन्होंने तमिलनाडु मुख्यमंत्री को भी वैचारिक मतभेद दूर कर काशी के कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। प्रधान ने कहा कि तमिलनाडु के किसी भी मंदिर या स्थान पर जाइए तो पाएंगे कि काशी विश्वनाथ का श्रीविग्रह विद्यमान हैं। जिस प्रकार रामेश्वरम् के प्रति श्रद्धा है वैसी ही आस्था काशी विश्वनाथ के प्रति भी है। यहीं हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान है।

2022 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु के बीच ऐसा सेतु निर्मित किया है जो बौद्धिक आदान-प्रदान के साथ कई मायनों में विशिष्ट साबित हो रहा है। एआई टूल से आज जब मुख्यमंत्री योगी प्रदर्शनी का आवलोकन कर रहे थे तब एक तमिल प्रदर्शक ने तमिल में बोला जिसे एआई से अनुवादित कर उन्हें सुनाया गया। उन्होंने महाकुम्भ का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार की तारीफ की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता हमारी शक्ति है। उन्होंने बीएचयू-आईआईटी मद्रास के आदान–प्रदान, तमिल शिक्षकों और विद्यार्थियों की पहल तथा काशी-तमिल कार रैली की सराहना की। महर्षि अगस्त्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने एकता पर जोर दिया और औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया।

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