DA Image
17 जनवरी, 2021|12:19|IST

अगली स्टोरी

संगीत प्रवाह में तीन राजाधनियों का मिलन

default image

वाराणसी। प्रमुख संवाददाता

संपूर्ण भारत की सांगीतिक परिक्रमा के क्रम में संगीत प्रवाह में शुक्रवार को तीन राजधानियों का मिलन हुआ। देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी द्वारा आयोजित सांगीतिक अनुष्ठान की 33वीं संध्या में राजस्थान की राजधानी जयपुर से वयोवृद्ध गायक पं. हनुमान सहाय ऑनलाइन हुए। वहीं कार्यक्रम का सरस संचालन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से डॉ. अलका निवेदन ने किया।

देशभर के संगीतकारों के साथ ही साथ देश की विभिन्न राज्यों के मंच संचालकों को एक साथ जोड़ने के लिए संस्कार भारती की काशी महानगर इकाई की ओर से किए गए आयोजन में अब तक देश के 15 राज्यों से कलाकार और संचालक शामिल हो चुके हैं। शुक्रवार की शाम पं. हनुमान सहाय ने अपनी अतुल्य प्रस्तुति से श्रोताओं को रससिक्त किया। गायन का श्रीगणेश उन्होंने दादरा से किया। राग रागेश्री में निबद्ध दादरा ‘जनी दुओ मोरी बइयां... के सरस गायन के उपरांत उन्होंने राग रागेश्री में ही निबद्ध शब्द रचना ‘समझत नाहीं मोरी बात... से छोटा ख्याल के विशिष्ट स्वरूप का अवतरण किया। इसके बाद बोल बनाव की ठुमरी ‘हटो छाड़ो गेल बनवारी... से गायन को विस्तार दिया। मीराबाई के भजन से प्रस्तुति को विराम दिया। राग भैरवी में निबद्ध भजन ‘जा मत जा मत जा जोगी के गायन के दौरान रचना के भाव रागों के रंग से आकार लेते महसूस हुए।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Three Rajdhanis meet in music flow