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वाराणसी

शून्य से ब्रह्मांड तक की जानकारी है वेदों में

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:00 PM
शून्य से ब्रह्मांड तक की जानकारी है वेदों में

वाराणसी। प्रमुख संवाददाता

वेदों में शून्य से ब्रह्मांड तक की जानकारी है। इसमें छिपे विज्ञान को शोध के माध्यम से विश्वजगत् को परिचित कराने की आवश्यकता है। यह बात वैदिक विज्ञान केन्द्र की सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश चन्द ने सोमवार को कही। वह बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र की ओर से आयोजित ‘अन्तर्विषयी परियोजना चर्चा विषयक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने कहा कि इसके लिए वेद विज्ञान से संबंधित एक संस्थान की महती आवश्यकता थी, जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सहयोग से बीएचयू में वैदिक विज्ञान केन्द्र के रूप में मूर्त रूप ले रहा है। शीघ्र ही शिक्षा मंत्रालय से सम्बद्ध होकर अपने गुणवत्तापूर्वक शोध से वेदों में छिपे विज्ञान को जनसाधारण को परिचित कराएगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. श्याम बाबू पटेल ने कहा कि वेद में पर्यावरण विज्ञान से जुड़े हुए कई विशिष्ट तथ्य हैं, जो विश्व पारस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। सारस्वत अतिथि प्रो. हृदय रंजन शर्मा ने कहा कि वेदों में निहित विज्ञान का शोध मानव जीवन के विकास के लिए विशिष्ट भूमिका निभा सकता है। अध्यक्षता कर रहे प्रो. कमलेश झा ने कहा कि विश्व धीरे-धीरे भारत के वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा से प्रेरित हो रहा है। संपूर्ण विश्व में एक समाज की निरन्तर चर्चा होने लगी है जो कि हमारे वेदों के मूल में है। इस दौरान पांच शोध प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। प्रारम्भ में शिवार्चित मिश्र ने मंगलाचरण,सौम्या कुमारी ने कुलगीत गायन किया। स्वागत वैदिक विज्ञान केन्द्र के समन्वयक प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी, संचालन डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई तथा धन्यवाद ज्ञापन विजया मिश्रा ने किया।

किया गया सम्मान

इस अवसर पर वैदिक विज्ञान केन्द्र से जुड़े हुए भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. आरपी मलिक, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, योग साधना केन्द्र के पूर्व उपनिदेशक डॉ. कृष्णमुरारी त्रिपाठी, वेद विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई, कृषि वैज्ञानिक डॉ. श्रवण शुक्ला तथा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से होमी जहांगीर भाभा पुरस्कार के लिए चयनित डॉ. दया शंकर त्रिपाठी को अंगवस्त्रम् एवं माल्यार्पण द्वारा सम्मानित किया गया।

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