टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का धरना और मार्च
Varanasi News - वाराणसी में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत शिक्षकों ने धरना और मार्च किया। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि इस कानून को संशोधित या निरस्त किया जाए, क्योंकि सरकार ने छह महीने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने गुरुवार को धरना और मार्च किया गया। वे शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद डीएम दफ्तर तक पैदल मार्च कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह लाखों शिक्षकों के हित में संसद में अध्यादेश लाकर इस काले कानून को संशोधित या निरस्त करें। धरने में शिक्षकों ने इस बात पर भी आक्रोश जताया कि छह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की।
इससे लाखों शिक्षक और उनके परिवारीजन तनाव और अनिश्चितता के शिकार हैं। विरोध प्रदर्शन में टीचर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के विनोद कुमार उपाध्याय, रवींद्रनाथ यादव, सनत कुमार सिंह, ज्योति भूषण, ज्योति प्रकाश, कैलाश नाथ यादव, अमिताभ मिश्र, वीरेंद्र सिंह, डॉ संजय गुप्ता, अमृता सिंह, यशवर्धन त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल थे।
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