
शिक्षक मतदाता सूची पर संगठनों ने जताई आपत्ति
Varanasi News - वाराणसी में शिक्षक नेताओं ने 2 दिसंबर को प्रकाशित अनन्तिम निर्वाचन नामावली पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मतदाता शिक्षकों की पहचान छिपाई जा रही है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि नामावली में शिक्षण संस्थानों का विवरण और अन्य जानकारी को पुनः प्रकाशित किया जाए।
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दो दिसंबर को प्रकाशित अनन्तिम निर्वाचन नामावली पर शिक्षक नेताओं और संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है। शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता शिक्षक है या नहीं, इसपर पर्दा डालने के लिए ऐसा किया गया है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षक मतदाता के लिए पहली शर्त है कि नाम और पिता के नाम के अतिरिक्त पिछले 6 वर्षों में तीन वर्ष जिन संस्थानों में उसने कार्य किया, उनका विवरण भी दर्ज होना चाहिए। हालांकि दो दिसंबर को प्रकाशित सूची में शिक्षण संस्थान का नाम ही अंकित नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी (शिक्षक निर्वाचन) का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया। मांग की कि अनन्तिम निर्वाचन नामावली में पता एवं शिक्षण संस्थान के कॉलम को पूर्ण करते हुए पुनः प्रकाशित की जाए। दूसरी तरफ, शिक्षक नेता सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ईमेल के जरिए इस विसंगति की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान निर्वाचन नामावली में हजारों अंशकालिक शिक्षकों के नाम भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि यह अनंतिम सूची अपने उद्देश्य को पूरा नहीं करती है। इसलिए विद्यालय का पूरा नाम सहित अनंतिम सूची पुनः प्रकाशित की जाए।

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