अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध हो रहा षड्यंत्र: स्वामी सदानंद
Varanasi News - द्वारिका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर राजनीतिक प्रेरित झूठे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी चाल है और सत्य हमेशा विजयी होगा। उन्होंने धार्मिकता की आवश्यकता और गौहत्या रोकने के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। द्वारिका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा है कि ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बिल्कुल झूठा आरोप लगाया गया है। यह आरोप राजनीतिक से प्रेरित षड्यंत्र है। सनातन धर्म के आचार्यों पर यह आक्षेप सोची-समझी चाल है। लोगों को तैयार करके वक्तव्य दिलवाया जा रहा है। इन कृत्यों से सत्य प्रताड़ित अवश्य हो रहा है लेकिन पराजित नहीं होगा। विजय तो सत्य की ही होगी। सोमवार को जारी अपने पत्र में उन्होंने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि देश का राजा धार्मिक होना चाहिए। अविमुक्तेश्वरानंद सिद्धांत की बात करते हैं। धर्म की बात करते हैं।
सनातन की बात करते हैं। पार्टी वाले उसे अपने ऊपर ले लेते हैं। सनातनी परंपरा को नष्ट-भ्रष्ट करने का जो प्रयास अंग्रेजों ने प्रारंभ किया था, आज के राजनीतिक दल भी उसी का अनुकरण कर रहे हैं। इसके लिए पक्ष-विपक्ष दोनों जिम्मेदार हैं। जो आज विपक्ष में हैं, वे कभी सत्ता में थे। उन्होंने कहां गौहत्या बंद की? गौहत्या रोकना ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मूल मुद्दा है। इस मुद्दे से भटकाने के लिए यह कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। यह निश्चित रूप से विफल होगा, भले ही समय लगे। साधु-संन्यासी और महात्मा जो असली होंगे, वे अभिमुक्तेश्वरानंद के पक्ष में आएंगे।
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