DA Image
1 मार्च, 2021|12:38|IST

अगली स्टोरी

ज्ञानवापी मुक्ति की आवाज उठाने वाले सुधीर सिंह गिरफ्तार, शांति भंग की आशंका में भेजे गए जेल

काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन नामक संस्था बनाकर ज्ञानवापी से काशी विश्वनाथ को मुक्त कराने की आवाज उठाने वाले सुधीर सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सुधीर को साकेत नगर स्थित उनके आवास से पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। सुधीर ने महाशिवरात्रि पर अस्सी से ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा की थी। इसी के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन करने की घोषणा की गई थी। सबसे पहले रविवार को मुफ्ती ए शहर मौलाना बातिन के साथ कई मुस्लिम धर्मगुरूओं से मुलाकात होनी थी। इसके बाद सोमवार को संकटमोचन मंदिर से विश्वनाथ मंदिर तक दंडवत यात्रा शुरू होनी थी।

रविवार की सुबह उनके आवास पर समर्थकों का हुजूम इकट्ठा होने की जानकारी पुलिस को लगी। इसके बाद चार थानों की पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई। पुलिस घर से ही उन्हें गिरफ्तार करने के बाद थाने लेकर गई। वहां से उन्हे जेल भेज दिया।

अस्सी घाट पर महाशिवरात्रि के अवसर पर ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा हुई थी। वहीं पर सर्वसम्मति से सुधीर सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। शंखनाद, घंटा घड़ियाल के बीच हर-हर महादेव के नारों के बीच शिव भक्तों ने दोनों हाथ उठाकर ज्ञानवापी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ के ज्योर्तिलिंग एवं मां शृंगार गौरी की मूर्ति को मुक्त कराने का संकल्प लिया था।  

भेलूपुर सीओ सुधीर जायसवाल ने बताया कि बिना अनुमति पदयात्रा निकालने की सुधीर तैयारी कर रहे थे। इससे शांति भंग होने की आशंका थी। इस कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसओ लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे किसी भी आयोजन की इजाजत नहीं है जो शहर की कानून व्यवस्था को प्रभावित करे। उधर, सुधीर सिंह ने कहा कि अगर जेल भेजा गया तो जेल में अन्न और जल छोड़ दूंगा। सुधीर सिंह की पहचान पूर्व सपा नेता के रूप में होती है। फिलहाल वह शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में हैं। वह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Sudhir Singh who voiced liberation was arrested sent to jail in fear of disturbing peace