Varanasi News: श्रीराम परिवार मर्यादा, प्रेम और त्याग का प्रतीक : बालकदेवाचार्य
Varanasi News: वाराणसी में एक उत्सव के दौरान जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने श्रीराम परिवार के आदर्श मूल्यों पर प्रवचन दिया। उन्होंने पारिवारिक संबंधों में सम्मान, कर्तव्य, और एकता को महत्व दिया। माता सीता, भ्राता लक्ष्मण, और भरतजी के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने निस्वार्थ प्रेम और सेवा का पालन करने का संदेश दिया।

Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। श्रीराम परिवार मर्यादा, प्रेम, त्याग और आदर्श पारिवारिक मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह परिवार हमें सिखाता है कि कैसे आपसी सम्मान, कर्तव्य-परायणता और एकता से एक खुशहाल जीवन और समाज का निर्माण किया जा सकता है। ये बातें पातालपुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने कहीं। वह दारानगर स्थित पातालपुरी मठ में आयोजित श्रीराम परिवार गाथा के नौ दिवसीय उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीराम परिवार के सदस्यों के आदर्श संदेश भगवान श्रीराम पितृभक्ति, वचन-पालन और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जीने का मार्ग दिखाते हैं। माता सीता कठिन समय में भी धैर्य, पवित्रता, और पति के प्रति निष्ठा का पाठ पढ़ाती हैं।
भ्राता लक्ष्मण अटूट प्रेम, सेवा भाव और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक हैं। भरतजी सत्ता या अधिकार का मोह न रखकर निस्वार्थ प्रेम और धर्मनिष्ठा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। हनुमान निस्वार्थ सेवा, भक्ति, विनम्रता और समर्पण की भावना सिखाते हैं। यह परिवार हमें सिखाता है कि आपसी कलह को मिटाकर कैसे मिलकर कठिन परिस्थितियों का सामना किया जाना चाहिए। रिश्तों में अधिकार से ज्यादा कर्तव्यों और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को महत्व देना सिखाता है। घर में राम परिवार की एकता का स्मरण करने से आपसी प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। प्रवचन सत्र से पूर्व भक्तों ने मठ परिसर में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया।


