आय नहीं दिखाई और खर्च किया ज्यादा तो 99 प्रतिशत टैक्स
Varanasi News - वाराणसी में दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने आम बजट पर सेमिनार का आयोजन किया। मुख्य वक्ता सीए जीडी दुबे ने टैक्स नियमों में बदलावों की जानकारी दी, जिसमें अघोषित निवेश पर टैक्स देना शामिल है। जीएसटी में रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे व्यापारियों को लाभ होगा।

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आम बजट पर विश्लेषण के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। गुरुवार को ककरमत्ता स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सीए जीडी दुबे ने कहा कि यदि रिटर्न में कम आय दिखाई गई है और संपत्ति की खरीद, शादी-विवाह जैसे आयोजनों में अधिक खर्च किया गया तो खर्च का 99 प्रतिशत टैक्स देना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बजट में आयकर अधिनियम 2025 की धारा 195, 439 और 440 में बजट के माध्यम से संशोधन किया गया है। इसके तहत यदि विभाग को करदाता के अघोषित निवेश, संपत्तियों अथवा खर्च की जानकारी मिलती है तो इसपर टैक्स देना होगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामले में रिफंड का दावा करने पर विभाग 90 प्रतिशत राशि तुरंत वापस कर देगा। इससे कार्यशील पूंजी पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव कम हो जाएगा। जीएसटी में क्रेडिट नोट जारी करने पर ओरिजिनल बिल से लिंक करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इससे व्यापारियों को आने वाली नोटिस में कमी आएगी। इसी तरह टैक्स ऑडिट रिपोर्ट एक माह देरी से फाइल करने पर अब एकमुश्त 75 हजार एवं एक माह से ज्यादा देरी पर एकमुश्त डेढ़ लाख रुपये फीस के रूप में देना होगा। मुख्य अतिथि आरके चौधरी ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की दिशा का रोडमैप होता है। इस दौरान अध्यक्ष राजेश भाटिया, महासचिव नीरज पारिख, सहसचिव अजय जायसवाल, पंकज अग्रवाल, मनीष कटारिया, आलोक भंसाली, मनबोधन सिंह, विशाल एलन झा, अक्षय, आलोक पारिख, भारत भूषण, राजू, संजीव जायपुरिया, राजेश वर्मा, उमंग गजानन जोशी आदि मौजूद रहे।
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