ड्राइविंग में मोबाइल का प्रयोग पड़ सकता है भारी
Varanasi News - वाराणसी में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। एआरटीओ सुधांशु रंजन ने कहा कि मोबाइल का उपयोग करते समय सड़क दुर्घटनाओं का खतरा 40% बढ़ जाता है। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता और दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर दिया गया।
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग और वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से हरतीरथ स्थित एक होटल में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.70 लाख लोगों की मौत होती है, जिनमें करीब 55 हजार मौतें केवल हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। ओवर स्पीड और रॉन्ग साइड ड्राइविंग भी हादसों के प्रमुख कारण हैं।
कार्यक्रम के दूसरे मुख्य अतिथि एसीपी (ट्रैफिक) सोमवीर सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शिक्षा की शुरुआत घर से होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शहर क्षेत्र में सड़क हादसों में कमी आई है, जबकि आउटर एरिया, रिंग रोड और जीटी रोड पर दुर्घटनाओं की संख्या अधिक रही है। यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय ने कहा कि जागरूकता और दुर्घटना से बचाव की पहल अपने घर-परिवार से करनी होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शुक्ल, वाराणसी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी तिवारी और ट्रैफिक इंस्पेक्टर धनंजय ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर आरजे शंकरा आई हॉस्पिटल के सहयोग से नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में वाहन चालकों और अन्य लोगों ने आंखों की जांच कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह ने की, जबकि स्वागत भाषण महामंत्री अभिषेक कुमार मिश्रा ने दिया।
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