होजरी और रेडीमेड कपड़ों के दाम 15 प्रतिशत बढ़े
मध्य एशिया में संकट के कारण रेडीमेड कपड़ों और होजरी उत्पादों की कीमतों में 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। सभी कंपनियों ने नए स्टॉक पर बढ़ी हुई एमआरपी अंकित की है। ग्राहक दुकानदारों से सवाल पूछ रहे हैं और व्यापारी कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। मध्य एशिया में संकट के कारण रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। दो सप्ताह में रेडीमेड कपड़े, होजरी उत्पादों पर भी इसका खासा असर दिख रहा है। इनकी कीमतें 15 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। छोटी, बड़ी सभी कंपनियों के नए स्टॉक पर बढ़ी एमआरपी अंकित हो गई है।
कीमतों का असर
नई कीमतों पर ग्राहक भी दुकानदारों से सवाल पूछ रहे हैं। व्यापारी भी अमेरिका, ईरान युद्ध को कोसते हुए रेडीमेड कपड़े के निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल की पूरी जानकारी ग्राहकों को दे रहे हैं। धागों की कीमतें बढ़ी हैं तो रंगाई भी महंगी हो गई है। डाइंग करने वाली इकाइयों में रसोई गैस सिलेंडर की सीमित उपलब्धता और कीमत बढ़ने का असर माना जा रहा है। गत्ते के दाम बढ़ने का असर भी कपड़ों पर पड़ा है। रेडीमेड कपड़ों की पैकेजिंग महंगी हो गई है।
व्यापारियों की प्रतिक्रिया
काशी रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के संरक्षक अशोक जायसवाल ने कहा कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने से व्यापार पर प्रभाव पड़ा है। सभी कंपनियों ने करीब दस प्रतिशत कीमतें बढ़ाई हैं। गुरुबाग स्थित होजरी उत्पाद के व्यवसायी महेश कुमार डोडेजा ने कहा कि 15 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ी हैं। जो रुमाल 30-70 रुपये में बिकता था उसकी कीमत भी 35-85 रुपये के बीच हो गई है।
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