Hindi NewsUttar-pradesh NewsVaranasi NewsRising Cancer Cases in Varanasi Linked to Tobacco Use PBCR Report
मुख कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह तंबाकू का सेवन

मुख कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह तंबाकू का सेवन

संक्षेप:

Varanasi News - वाराणसी में कैंसर के बढ़ते मामलों में तंबाकू सेवन मुख्य कारण है। पुरुषों में 51.2% और महिलाओं में 14.2% कैंसर का संबंध तंबाकू से है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मुख, जीभ और पित्ताशय का कैंसर पुरुषों में और स्तन, पित्ताशय और गर्भाशय का कैंसर महिलाओं में सामान्य है।

Dec 07, 2025 01:44 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
share Share
Follow Us on

वाराणसी, कार्यालय संवाददता। काशी में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे तंबाकू सेवन बड़ी वजह के रूप में सामने आया है। पुरुषों में होने वाले 51.2% और महिलाओं में 14.2% कैंसर का सीधा संबंध तंबाकू व इससे बने उत्पादों से पाया गया है। हर 36 में एक पुरुष मुख कैंसर और हर 76 में एक महिला स्तन कैंसर से पीड़ित है। यह जानकारी महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एमपीएमएमसीसी एवं एचबीसीएच) द्वारा जारी पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) रिपोर्ट 2020–21 में दी गई है। रिपोर्ट जिले में कैंसर के वास्तविक बोझ, कारणों और वितरण का व्यापक आकलन प्रस्तुत करती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में पुरुषों में मुख, जीभ और पित्ताशय का कैंसर सबसे सामान्य हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, पित्ताशय और गर्भाशय का कैंसर ज्यादा पाया जाता है। पीबीसीआर की प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना के मुताबिक आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि तंबाकू छोड़कर इन कैंसरों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्क्रीनिंग में 57 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र के लोग पीबीसीआर रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी जिले की लगभग 41 लाख आबादी, 1295 गांव और 90 नगर-निकाय वार्ड अध्ययन में शामिल किए गए। जिले के सभी आठ ब्लॉकों से व्यवस्थित तरीके से आंकड़े एकत्र किए गए, जिनमें से 57 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त हुए। डॉ. दिव्या खन्ना ने बताया कि यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और सटीक डेटा संग्रह से बीमारी के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझा जा रहा है। कैंसर पंजीकरण टीमें नियमित फील्ड विजिट कर डेटा जुटाती हैं, जिससे जिले में कैंसर की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो पाता है।