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बोले काशी-  कीचड़ और गंदगी बने गली-आंगन के स्थायी मेहमान

बोले काशी- कीचड़ और गंदगी बने गली-आंगन के स्थायी मेहमान

संक्षेप:

Varanasi News - वाराणसी के प्रज्ञा नगर कॉलोनी के निवासियों ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर निराशा व्यक्त की है। सड़कें जर्जर हैं, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है और कूड़ा उठाने का कोई प्रबंध नहीं है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की अनदेखी के कारण उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई है।

Dec 06, 2025 10:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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वाराणसी । मड़ौली की प्रज्ञा नगर कॉलोनी सुविधाओं के लिए वर्षों के इंतजार और टूटे सपनों का एक मौन कोना है। यहां के लोगों की आंखों में एक ही सवाल है कि हम कब तक उपेक्षित रहेंगे? यह दर्द सिर्फ सड़कों या नालियों का नहीं बल्कि स्मार्ट शहर का एक भूला बिसरा हिस्सा होने का भी है। दूसरी दुश्वारियां भी कम नहीं हैं। कूड़ा-कचरा, सीवर लाइन और स्पीड ब्रेकर का अभाव भी रोज की परेशानियों के कारण हैं। नागरिकों के मुताबिक नगर निगम की उदासीनता रोज उनके सपने तोड़ रही है। प्रज्ञा नगर कॉलोनी के नागरिकों का हर कदम टूटी सड़कों और मलजल में पड़ता है।

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कीचड़ और गंदगी घर के आंगन में मेहमान बन चुकी है। विभिन्न समस्याओं से सुख-चैन छिन गया है। कॉलोनी के लोगों ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि वर्षों से सड़क की सुविधा से वंचित हैं, पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। कॉलोनी के रास्ते इतने संकरे और जर्जर हैं कि दोपहिया वाहन चालकों को गुजरने में मशक्कत करनी पड़ती है। कई जगह तो गड्ढे है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर संतुलन बिगड़ना आम बात है। कुंदन, आनंद और शनि ने बताया कि अधिक चिंता आपातकालीन स्थिति में होती है। आग लगने या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में एंबुलेंस या अग्निशमन वाहन का पहुंचना नामुमकिन है। बरसात में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। रास्ते पर कीचड़ हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना या रोजमर्रा के काम के लिए बाहर जाना खतरे से खाली नहीं होता है। कई बार लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। कहा कि कई बार नगर निगम के अधिकारियों से इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतें हमेशा अनसुनी कर दी जाती हैं। जलजमाव का दंश रामसेवक, दूधनाथ ने बताया कि कॉलोनी में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। घरों के बाहर महीनों गंदा पानी जमा रहता है। इससे न केवल आवागमन मुश्किल हो गया है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। जलभराव की मुख्य वजह सीवर लाइन और उचित ड्रेनेज सिस्टम का अभाव है। नथुनी देवी, चिंता देवी ने बताया, नालियां टूटी और इतनी संकरी हैं कि गंदा पानी आगे नहीं बढ़ पाता है। इससे वह रास्तों और घरों के बाहर जमा हो जाता है। इसी गंदे पानी के बीच से होकर आते-जाते हैं। मधुबाला देवी, कुमारी देवी ने कहा कि पानी की दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। कूड़ा गाड़ी नहीं दिखती विकास भारती, हिमांशु कुमार ने बताया, कॉलोनी में नियमित कूड़ा उठान की कोई सुविधा नहीं है। इससे क्षेत्र में कूड़े का ढेर लगा रहता है। कॉलोनी की सड़कें इतनी संकरी और टूटी हैं कि नगर निगम की कूड़ा संग्रहण गाड़ियां कॉलोनी में आ ही नहीं पाती हैं। नतीजतन, निवासियों को घरेलू कूड़ा बाहर ले जाकर फेंकना पड़ता है। राज मुन्नी देवी, बाबूलाल ने बताया कि कभी-कभी कूड़ा गाड़ी मुख्य मार्ग पर आती है, लेकिन ज्यादातर लोग इतना दूर कूड़ा लेकर नहीं जा पाते। कचरे से लगातार बदबू फैलती रहती है। नहीं है जलापूर्ति लाइन जयप्रकाश, कैलाश ने बताया कि कॉलोनी में आज तक जलापूर्ति लाइन नहीं बिछाई गई है। इस कारण निवासियों को हर दिन पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां के सभी परिवार निजी संसाधनों पर निर्भर हैं या फिर आसपास लगे इक्का-दुक्का हैंडपंपों के सहारे रहते हैं। कैलाश, मालती देवी, रामसेवक ने बताया कि हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए सुबह-शाम लंबी कतारें लगती हैं। पानी भरने को लेकर कई बार झगड़े भी हो जाते हैं। लोगों को भूमिगत जल के भी प्रदूषित होने की आशंका है। नगर निगम की अनदेखी कलावती देवी, निर्मला ने कहा कि कॉलोनी में नियमित फॉगिंग न होने से मच्छरों का प्रकोप चरम पर है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शाम होते ही मच्छरों के चलते घरों में रहना कठिन हो जाता है। पानी तो यहां हमेशा जमा रहता है। फॉगिंग नहीं होती है। उषा देवी, किरण देवी के मुताबिक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का डर बना हुआ है। कहा कि प्रशासन बीमारियों से बचाव के लिए फॉगिंग करा सकता है, लेकिन इसे भी नजरअंदाज किया जा रहा है। तेज रफ्तार का कहर, बनें ब्रेकर कैलाश प्रसाद, रामकिशन पटेल ने ध्यान दिलाया कि कहा कि प्रज्ञा नगर कॉलोनी से जुड़ी मेन रोड पर वाहनों की तेज रफ्तार गंभीर खतरा बन गई है। गति नियंत्रण का उपाय न होने से अक्सर छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं। कहा कि गाड़ियों की स्पीड देख लोग डर जाते है। जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनने से यह डर और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। कंचन कुमारी, रेनू कुमारी, मीरा देवी ने कहा कि नाथूपुर डगरा से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है। बार-बार फाटक बंद होने से लंबा जाम लग जाता है। इससे समय बर्बाद होता है। आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों को भी परेशानी होती है। अर्चना देवी, उषा देवी, श्याम राठी ने कहा कि क्रॉसिंग पर एक रेलवे अंडरपास या फुट ओवरब्रिज का निर्माण जरूरी है। हमारी व्यथा सुनें 1. कूड़ा फेंकने से अब खाली प्लॉट बदबू-बीमारी का घर बन चुके हैं। कॉलोनी में कूड़ा गाड़ी का आना असंभव है। - आनंद 2. कॉलोनी में सड़क नहीं है। संकरी गलियों के बीच आवाजाही से बहुत परेशानी होती है। एंबुलेंस नहीं आ पाती। - कुंदन 3. जलभराव और कूड़े से वातावरण पहले से ही प्रदूषित है। फॉगिंग की कमी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। - मोनी भारती 4. गंदा पानी, कूड़े के ढेर ने कॉलोनी को बीमारियों का केंद्र बना दिया है। जलनिकासी, कूड़ा उठाने की सुविधा नहीं है। - दूधनाथ 5. मानसून में जीवन नारकीय हो जाता है। कच्ची सड़कें बारिश के पानी से भरकर दलदल में बदल जाती हैं। - रामसेवक 6. कॉलोनी निवासी सिर्फ सड़क समस्या से परेशान नहीं हैं। वे गंदे और बदबूदार पानी के जमाव से भी जूझ रहे हैं। - कैलाश प्रसाद 7. कॉलोनी में गंदा पानी मच्छरों और अन्य कीटाणुओं के लिए मुफीद माहौल बना रहा है। इससे सेहत पर खतरा है। - रामकिशन पटेल 8. प्रज्ञा नगर में कूड़ा गाड़ी नहीं आती है। लोगों को खाली प्लॉटों में और खुली जगहों पर कचरा फेंकना पड़ता है। - कंचन कुमारी 9. कॉलोनी के लोग हैंडपंप से पानी लेते हैं, उन्हें अक्सर समस्या होती है। पानी की पाइप लाइन नहीं बिछी है। - मीरा देवी 10. कॉलोनी में टूटी नालियों और सड़कों पर गंदे पानी का स्थायी जमावड़ा है। इससे मच्छर बढ़ते जा रहे हैं। - अर्चना देवी 11. कॉलोनी के लोगों को मुख्य सड़क से आवागमन में बड़ी समस्या है। सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं है, दुर्घटना होती है। - शनि 12. कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय नहीं है। आंगनबाड़ी के लिए जमीन आवंटित है, लेकिन बना नहीं। - श्याम राठी सुझाव और शिकायतें सुझाव 1. नगर निगम प्राथमिकता के आधार पर कॉलोनी में सीसी सड़क बनवाए। आवागमन सुगम होगा। 2. क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाई जाए। उसके बनने तक जलनिकासी के लिए नालियां बनाई जाएं। 3. कॉलोनी में कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। बीमारियों की रोकथाम के लिए पूरे क्षेत्र में नियमित फॉगिंग हो। 4. कॉलोनी पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछे। पाइप लाइन बिछने तक पानी के लिए हैंडपंप की व्यवस्था की जाए। 5. कॉलोनी की मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाए। रेलवे नाथूपुर डगरा से रेलवे स्टेशन तक अंडरपास या फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराए। शिकायतें 1. कॉलोनी में रास्ते कच्चे और संकरे हैं। दोपहिया भी मुश्किल से निकल पाते हैं। एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड का आना असंभव है। 2. कॉलोनी में पानी और सीवर लाइन नहीं है। घरों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। 3. कूड़ा गाड़ी कॉलोनी में नहीं आती। लोग खाली प्लॉटों में और खुली जगह पर कूड़ा फेंकते हैं। कूड़े से दुर्गंध आती है। 4. कॉलोनी में पानी की पाइप लाइन नहीं है। निवासियों को निजी साधनों से पानी की जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। 5. कॉलोनी की मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। नाथूपुर रेलवे स्टेशन के मार्ग पर आवागमन में दिक्कत आती है। बोले जिम्मेदार जलनिकासी-इंटरलॉकिंग का इस्टीमेट प्रस्तावित है प्रज्ञा नगर कॉलोनी में जलनिकासी और इंटरलॉकिंग का इस्टीमेट प्रस्तावित है। जलनिकासी के लिए मेन सीवर लाइन अभी कहीं नहीं है। भविष्य में जहां भी संभावना बनेगी, वहां प्रज्ञा नगर की जल निकासी की लाइन को मिलवा दिया जाएगा। - सुनील पटेल, विधायक-रोहनिया विधानसभा क्षेत्र इस्टीमेट स्वीकृत होने पर होगा काम प्रज्ञा नगर कॉलोनी में जलनिकासी के लिए नई लाइन अभी संभव नहीं है। इंटरलॉकिंग का इस्टीमेट भेजा गया है, स्वीकृत होते ही काम करवाया जाएगा। - मोतीलाल पटेल उर्फ घासी,पार्षद, मड़ौली वार्ड नं- 42