बोले काशी: सीवर लाइन न पानी, सफाई में भी बदइंतजामी
Varanasi News - वाराणसी के कंदवा खैरा क्षेत्र में लोग जलजमाव और सीवर की कमी से जूझ रहे हैं। यहाँ की सड़कों पर गंदगी और गड्ढे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है और मंदिर परिसर में शौचालय का अभाव है। कछुओं के लिए भी पोखरी की स्थिति चिंताजनक है।
वाराणसी। पौराणिक कर्दमेश्वर महादेव मंदिर से सटा है इलाका। एक रोड के दोनों ओर बसी घनी आबादी जो सीवर और पानी की पाइप लाइन बिछने का लंबे समय से इंतजार कर रही है। गड्ढों से भरी सड़क और पग-पग पर गंदगी बदइंतजामी का ही उदाहरण नहीं हैं बल्कि नगर निगम की छवि भी दागदार बना रही है। अति प्राचीन मंदिर में शौचालय का अभाव श्रद्धालुओं को अखरता है। कचरा और जलकुंभी के चलते पास की पोखरी में पल रहे सैकड़ों कछुओं के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है। कंदवा खैरा रोड का संबंध कर्दम ऋषि की तपस्थली और अति प्राचीन कर्दमेश्वर महादेव से है।
यह आस्था और इतिहास का एक पवित्र केंद्र है। लेकिन क्षेत्र के लगभग पांच हजार मकानों में रहने वाली 25 हजार की आबादी उपेक्षा का दंश झेल रही है। सैकड़ों कछुओं वाली ऐतिहासिक पोखरी गंदगी और अतिक्रमण से कराह रही है। मंदिर परिसर में शौचालय न होना बहुत अखरता है। रोड पर गंदे पानी की धारा बहती है ‘हिन्दुस्तान’ के साथ बातचीत के दौरान सुधीर कटियार ने कहा कि कंदवा खैरा क्षेत्र में सीवर लाइन न होने और जलनिकासी व्यवस्था के अभाव के चलते स्थानीय लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में स्थिति बदतर हो जाती है। घरों का और बारिश का पानी सड़क एवं खाली प्लॉटों में जमा हो जाता है। बताया कि निवासियों को खुले में या अस्थायी तरीकों से पानी निकासी करनी पड़ती है। जलजमाव के कारण सड़क पर दूषित पानी और कूड़े का अंबार लग जाता है। जितेन्द्र पटेल ने कहा कि जलजमाव के कारण मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा हमेशा रहता है। बताया कि हमने कई बार नगर निगम और स्थानीय प्रतिनिधियों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। खरीदते हैं पीने का पानी नमिता सिंह ने बताया कि खैरा रोड के इर्दगिर्द बसी आबादी को सरकारी पेयजल की सुविधा नहीं मिली है क्योंकि अब तक यहां पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। लोगों को निजी जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है तो बहुतेरे रोज पीने का पानी खरीदते हैं। इससे हर माह अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। बताया कि हैंडपंप का पानी अक्सर प्रदूषित होता है। सुमन श्रीवास्तव बोलीं, यह भी एक विडम्बना है कि खैरा रोड पर सीवर या नाली नहीं है, जिससे गंदा पानी जमा रहता है। पानी-सीवर की समस्याएं क्षेत्र के विकास पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं। सड़क दुर्घटनाएं बढ़ीं जितेन्द्र प्रसाद ने कहा कि खैरा की गड्ढेदार सड़क मुसीबत का सबब बन गई है। दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वर्षों से मरम्मत न होने के कारण सड़क टूट चुकी है। उस पर छोटे-बड़े गड्ढों का जाल बन गया है। जयप्रकाश सिंह ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण बरसात के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं। तब उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। पानी सूखने के बाद सड़क पर कीचड़-धूल जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। सफाई व्यवस्था चरमराई डॉ. डीएल कश्यप ने कहा कि क्षेत्र स्वास्थ्य संकट के मुहाने पर खड़ा है। कहीं न तो कूड़ेदान हैं, न ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और नियमित सफाई की व्यवस्था है। लोगों को अपना कूड़ा घरों के बाहर या खाली प्लॉटों में फेंकना पड़ता है। मंदिर के अलावा और कहीं कूड़ेदान नहीं है। देवनाथ बोले कि कूड़े और मिट्टी के ढेर सड़क पर जमा होते जा रहे हैं। कूड़े से भयानक बदबू आती है। मच्छर बढ़ते जा रहे हैं। खंभे-तार हादसा न करा दें गौरव कुमार श्रीवास्तव, दूधनाथ पटेल ने बताया कि खैरा रोड पर टूटे हुए बिजली के खंभे और बांस-बल्ली के सहारे लटकते तार खतरा बन गए हैं। कई जगह खंभे गिर चुके हैं या जर्जर हो गए हैं। विमला देवी ने कहा कि इन खंभों को बदलने के बजाय, बिजली के तारों को बांस के सहारे लटका दिया गया है। कई जगहों पर तार बहुत नीचे झूल रहे हैं। निवासियों ने बताया कि कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से लिखित और मौखिक शिकायतें हुईं लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। अराजक तत्वों का कवच है अंधेरा अन्नपूर्णा देवी और कुसुमलता श्रीवास्तव ने कहा कि स्ट्रीट लाइट न होने के कारण रात में इलाका घने अंधेरे में डूब जाता है। तब अराजक तत्व और अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। कई तरह की आपराधिक घटनाएं होती हैं। शाम छह बजे के बाद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का अकेले घर से निकलना मुश्किल है। पार्किंग और फॉगिंग की जरूरत नामित सिंह ने कहा कि चितईपुर से कंदवा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर अवैध अतिक्रमण है। इसके साथ ही, मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फॉगिंग न होने के कारण स्थानीय लोगों पर स्वास्थ्य संकट मंडरा रहा है। चितईपुर से कंदवा रोड तक, विशेष रूप से बाजार में गाड़ियों से सड़क का बड़ा हिस्सा छिप जाता है। सुगम आवागमन के लिए यहां पार्किंग का इंतजाम होना चाहिए। सुरेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में फॉगिंग न होने के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुमन श्रीवास्तव और पवन प्रजापति ने बताया, यहां हमारे समेत कई लोगों के आयुष्मान और राशन कार्ड भी नहीं बन पाए हैं। बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए साइबर कैफे वाले राशन कार्ड मांगते हैं। शौचालय की है दरकार मोहन मिश्रा ने कहा कि कंदवा के प्राचीन कर्दमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शौचालय नहीं है। दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों, विवाह आदि अनुष्ठानों के लिए आने वाले लोगों को बहुत असुविधा होती है। डॉ. डीएल कश्यप और रामकिशोर विश्वकर्मा ने कहा कि महिला श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक शौचालय का अभाव अधिक कष्टदायी होता है। उपेक्षित है कछुआ सरोवर अनिल सिंह ने कहा कि कंदवा की ऐतिहासिक पोखरी जल संचयन का महत्वपूर्ण केन्द्र है। इसमें सैकड़ों कछुओं का प्राकृतिक आवास भी है। पोखरी उन्हें सुरक्षित प्रजनन और आवास स्थल प्रदान करती है। संरक्षण के अभाव में पोखरी में कूड़ा और अपशिष्ट जमा होता जा रहा है। विनोद पटेल ने कहा कि गंदगी के चलते पोखरी का पानी दूषित हो रहा है। दूषित पानी कछुओं के लिए खतरा बन रहा है। चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने जोर दिया कि जिला प्रशासन और वन विभाग इस पोखरी का सौंदर्यीकरण कराए। पोखरी के चारों ओर पाथवे, बेंच के इंतजाम के साथ हरियाली विकसित की जाए। हमारी व्यथा सुनें 1. हम वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बरसात के दिनों में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। - सुधीर कटियार 2. खैरा रोड पर गाड़ी चलाना बहुत जोखिम भरा है। गड्ढों के कारण गाड़ियों का मेंटीनेंस खर्च बढ़ गया है। - डॉ. डीएल कश्यप 3. बिजली विभाग की उदासीनता देखें, बिजली के जर्जर खंभों को हटाया नहीं जा रहा है। - गौरव कुमार श्रीवास्तव 4. जलापूर्ति के लिए अब तक पाइप नहीं बिछा है। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिलता। - विमला देवी 5. रात के समय पुलिस गश्त बढ़े तो आपराधिक गतिविधियां कम होंगी। स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं। -सुमन श्रीवास्तव 6. अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम की स्थिति रहती है। इससे स्कूली बच्चों का समय बर्बाद होता है। - नमिता सिंह 7. अतिक्रमण और जलकुंभी के कारण तालाब में कछुओं के लिए जगह कम होती जा रही है। - जयप्रकाश सिंह 8. कर्दमेश्वर महादेव मंदिर में स्वच्छता और सुविधा पर ध्यान नहीं है। परिसर में शौचालय नहीं है। - मोहन मिश्रा 9. कंदवा तालाब में हजारों कछुए हैं। ये पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण हैं। तालाब का संरक्षण हो। - दूधनाथ पटेल 10. एक तरफ गंदा पानी और दूसरी तरफ कूड़ा। इस माहौल में बच्चों के बीमार होने का डर रहता है। - कुसुमलता श्रीवास्तव 11. बरसात में सड़क पर पैदल चलना और दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। - अनिल सिंह 12. पानी की पाइप लाइन न होने से जीवन कठिन हो गया है। लोग निजी स्रोतों पर निर्भर हैं। - विनोद पटेल सुझाव और शिकायतें सुझाव 1. खैरा रोड पर सीवर पाइप लाइन बिछाने के साथ जलनिकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जाए। इससे गंदा पानी सड़क पर जमा नहीं होगा। 2. सड़क के सभी गड्ढों को भरा जाए और जल्द से जल्द सड़क का उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कराया जाए। 3. जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जाए। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधा के साथ नियमित सफाई हो। 4. बिजली के जर्जर खंभे बदले जाएं और तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए। 5. नगर निगम क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटें लगवाए। पोखरी का सौंदर्यीकरण और संरक्षण हो। कर्दमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण हो। शिकायतें 1. क्षेत्र में सीवर पाइपलाइन नहीं है। घरों का पानी सड़क पर जमा रहता है। उससे बदबू फैलती है। बरसात में स्थिति नारकीय हो जाती है। 2. खैरा रोड पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो बारिश के दिनों में तालाब बन जाते हैं। इससे दुर्घटना का खतरा रहता है। 3. पानी की पाइप लाइन नहीं बिछी है। पानी के लिए निजी स्रोतों पर निर्भरता है। क्षेत्र में कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। 4. बिजली के कई खंभे जर्जर हो गए हैं। बांस के सहारे लटकते तार नीचे झूल रहे हैं। ये बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। 5. खैरा रोड पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। पोखरी में गंदगी और अतिक्रमण की स्थिति है। कर्दमेश्वर महादेव मंदिर में शौचालय नहीं है। बोले जिम्मेदार रोहनिया विधायक सुनील पटेल का कहना है कि कंदवा खैरा रोड पर सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार करवाएंगे। समस्या का शीघ्र समाधान होगा। कर्दमेश्वर महादेव मंदिर परिसर के बगल की पोखरी में मौजूद सैकड़ों कछुओं के संरक्षण के लिए मौके का निरीक्षण करूंगा। संबंधित विभाग से बात करके समस्या का हर हाल में समाधान कराया जाएगा। -सुनील पटेल, विधायक, रोहनियां विस क्षेत्र।

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