बोले काशी : चार माह से भुगत रहे दर्द, नहीं दिखता हमदर्द
Varanasi News - वाराणसी के प्राचीन रामनगर में पंडित सुगानू प्राइमरी स्कूल की ओर जाने वाली गली की हालत खराब है। चार महीने से खोदी गई गली के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी और सुरक्षा की चिंता जता रहे हैं। स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से भी लोग वंचित हैं।
वाराणसी। प्राचीन रामनगर में पंडित सुगानू प्राइमरी स्कूल की तरफ यदि जाना है तो सतर्कता जरूर बरतें क्योंकि गली सही हालत में नहीं है। बाशिंदे सोच में हैं कि आखिर किस गुनाह के चलते चार माह से गालियां खोदकर छोड़ दी गई हैं। मौजूदा बुनियादी सुविधाएं प्राचीनता के ‘राग’ अलाप रही हैं। गलियों को नया रूप देने की कवायद चल रही है, लेकिन निवासी सशंकित हैं कि कहीं चौके हटाए बगैर ही सड़क न बना दी जाए। अगर ऐसा हुआ तो गली ऊंची हो जाएगी। तब जलनिकासी बाधित हो सकती है। रामनगर के ऐतिहासिक किले से कुछ ही दूर प्राचीन रामनगर मोहल्ला है।
20 लाख से अधिक लागत में यहां नाली और सीसी सड़क बननी है। कुछ लोग पुराने निर्माण तोड़े जाने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सड़क बनाने का विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जहां पत्थर का चौका बिछा है, उसी के ऊपर सीसी रोड बनाने की बात ठेकदार कर रहा है। इस पर आपत्ति है। विभिन्न समस्याओं से क्षुब्ध लोगों ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि बदलते दौर के हिसाब से सुविधाएं भी मुकम्मल होनी चाहिए। डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव, योगेश उपाध्याय, प्रभावती देवी ने कहा कि चौका हटाकर सीसी रोड का निर्माण होना चाहिए। यह बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में आता है। यदि बरसात हो गई तो लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो जाएगा। इस मोहल्ले में इसी सप्ताह कई शादियां है। जिनके घरों में शादिया हैं, उनके घर के सामने पत्थर चौका उखड़ा हुआ है। वे लोग अपने खर्चे पर इसे दुरुस्त करा रहे हैं। जोनल कार्यालय में कई बार शिकायत की गई मगर सुनवाई नहीं हो रही है। मौके पर जो स्थिति दिख रही है, उससे इस बात भय है कि कहीं गली ऊंची न कर दी जाए। अगर ऐसा होता है तो यह भविष्य में गंभीर संकट का कारण बन जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि कोई भी स्वरूप देने से पहले निवासियों से बात हो, उनकी पीड़ा समझ ली जाए। हाल यह है कि गली खोदी पड़ी है, चौके ऊबड़-खाबड़ रूप में है। अभी बारिश नहीं हो रही है, काम चल जाता है, लेकिन बारिश में मुश्किल हो जाएगी। आवागमन की सुगमता के लिए जरूरी है कि गली को नया स्वरूप दिया जाए, लेकिन इस बात का भी ध्यान जाए कि भविष्य में यह जलजमाव का कारण न बनने पाए। तारों का जाल, पोल झुके संजय, मटरू ने कहा कि प्राचीन रामनगर मोहल्ले में बिजली की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए। खंभों पर तारों का जंजाल है। तार लटक रहे हैं। कही खंभे नहीं हैं तो कहीं दो-दो खंभे लगे हैं। तारों के भार से खंभे लटके हैं, कुछ जर्जर भी हो गए हैं। कहा कि कुछ दिन पहले बिजली बाधित हो गई थी, उसे दुरुस्त करने में कई सप्ताह लग गए। इन स्थितियों में बदलाव आना चाहिए। अभी स्ट्रीट लाइटें हैं, कुछ जलती हैं, कुछ नहीं जलती है। गली में पर्याप्त रोशनी बनी रहे, इसके लिए संबंधित विभाग को सर्वे करके खराब पड़ी लाइटों की शीघ्र मरम्मत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। सुविधाएं तो हैं, लेकिन दुर्दशाग्रस्त हो गई हैं। इन्हें दुरुस्त किया जाना चाहिए। नियमित सफाई जरूरी कृष्णकांत यादव, आनंद उपाध्याय, डा. सौकत अली ने कहा कि सफाई व्यवस्था तो जरूरी है। मोहल्ले में हर समय लोगों का आना-जाना बना रहता है। यहां सफाई होती है, लेकिन नियमित नहीं होती है। अक्सर कूड़ा गली में इधर-उधर बिखरा दिखता है। डस्टबिन नहीं रखने से लोग कहीं भी कूड़ा फेंक देते हैं। छुट्टा पशु कूड़े को बिखेर देते हैं। इस स्थितियों पर नियंत्रण के लिए व्यवस्थित उपाय किए जाने चाहिए। चार माह से खोदकर छोड़ी गई गली के कारण आवागमन तो बाधित होता ही रहता है, कभी-कभी कूड़ा-करकट देखकर क्षोभ भी होता है, लेकिन कुछ कर सकते नहीं। संबंधित विभाग को नियमित सफाई के प्रति सचेत और ईमानदार होना चाहिए। सभी का बने आयुष्मान कार्ड प्रकाश यादव, संतोष कुमार, नितिन ने कहा कि इस मोहल्ले के ज्यादातर लोग आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं। उन्हें सरकार की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है। वंचित लोगों को कार्ड उपलब्ध कराने के लिए मोहल्ले में शिविर लगना चाहिए। इससे पास के मोहल्लों के वंचित लोग भी लाभान्वित होंगे। आयुष्मान कार्ड बन जाने से किसी गंभीर बीमारी के इलाज में सहूलियत होगी। बाढ़ग्रस्त इलाके में मिलें विशेष सुविधाएं कौस्तुभ और बोड़ा सरदार ने ध्यान दिलाया कि यह बाढ़ग्रस्त इलाका है। अभी गंगा का जलस्तर घटा हुआ है लेकिन जब जलस्तर बढ़ता है तो विपरीत प्रवाह का दर्द झेलना पड़ता है। इससे मुक्ति के लिए स्थायी इंतजाम होने चाहिए, ताकि निवासियों को बाढ़ की संभावना भी न सताए। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाके में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार होना चाहिए। यहां लगे हैंडपंप को दुरुस्त करने की जरूरत है। साथ ही कुछ नए हैंडपंप भी लगाए जाएं। यह गर्मी की दृष्टि से जरूरी है। पुलिस गश्त बढ़े प्रभावती देवी, आनंद उपाध्याय बोले कि मोहल्ले में सुरक्षा के पुलिस गश्त बढ़ना जरूरी है। दिन में उतनी दिक्कत नहीं है, लेकिन रात में सन्नाटा हो जाता है। पुलिस की सक्रियता से लोगों में कोई भय नहीं रहेगा। सुनें हमारी पीड़ा गलियों की मरम्मत व्यवस्थित रूप से होने से आवागमन सुगम होगा। निर्माण में भेदभाव न किया जाए। प्रभावती देवी बदलते दौर के हिसाब से यहां भी मुकम्मल सुविधाएं मिलनी चाहिए। इससे लोग सुकून से रह सकेंगे। डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव गली को नया रूप देने से पहले निवासियों से बात की जाए, उनकी पीड़ा समझी जाए। इससे सभी को राहत होगी। योगेश उपाध्याय कही बिजली के खंभे नहीं हैं तो कहीं दो-दो लगे हैं। तारों के भार से टेढ़े तो कुछ जर्जर भी हो गए हैं। संजय गली में पर्याप्त रोशनी के लिए संबंधित विभाग को खराब लाइटों की शीघ्र मरम्मत कराने की जरूरत है। मटरू मोहल्ले में हर समय लोगों का आना-जाना लगा रहता है। यहां नियमित सफाई नहीं होती है। कृष्णकांत यादव अक्सर कूड़ा बिखरा दिखता है। डस्टबिन न होने से लोग कहीं भी कूड़ा फेंक देते हैं। छुट्टा पशु उसे बिखेर देते हैं। डॉ. शौकत अली मोहल्ले के ज्यादातर लोगों को सरकार की चिकित्सा योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रकाश यादव शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। शिविर लगने का लाभ पास के मोहल्लों के लोग भी ले सकेंगे। संतोष कुमार आयुष्मान कार्ड बन जाने से किसी गंभीर बीमारी के इलाज में बहुत सहूलियत होगी। इसके लिए शिविर लगे। -नितिन गंगा में पानी बढ़ता है तो विपरीत प्रवाह का दर्द झेलना पड़ता है। इससे राहत का स्थायी इंतजाम किया जाए। कौस्तुभ यहां के हैंडपंप को दुरुस्त करने की जरूरत है। राहगीरों को पानी के लिए नया हैंडपंप लगना चाहिए। बोड़ा सरदार सुझाव और शिकायतें सुझाव खोदी गई गली की मरम्मत शीघ्र की जानी चाहिए, जिससे यहां के लोगों का आवागमन सुगम हो सके, कोई परेशानी न हो। बिजली की व्यवस्था बेहतर करने की जरूरत है। लटके हुए तारों को दुरुस्त किया जाए, खंभों को शीघ्र व्यवस्थित किया जाए। सफाई की नियमित व्यवस्था की जानी चाहिए। यहां डस्टबिन भी रखवाए जाएं ताकि उसमें ही लोग कूड़ा फेंक सकें। स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सभी को मिल सके, इसके लिए मोहल्ले में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जाने चाहिए। निवासियों की सुरक्षा के लिए मोहल्ले और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त की नियमित व्यवस्था की जानी चाहिए। शिकायतें- चार माह से गली खोदकर छोड़ दी गई है। इससे लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। बिजली के तार लटक रहे हैं। उन्हें दुरुस्त करने की तरफ ध्यान नहीं है। पर्याप्त खंभे भी नहीं हैं। नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ा बिखरा रहता है। डस्टबिन भी कहीं नहीं है। इससे दिक्कतें होती हैं। मोहल्ले में ज्यादातर लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं। लोग स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से अब तक वंचित हैं। सुरक्षा को लेकर हर समय भय बना रहता है। रात में दिक्कत होती है। पुलिस की नियमित गश्त नहीं होती। बोले जिम्मेदार सुपरवाइजर बीमार, किससे शिकायत करें? मार्ग निर्माण का ठेका जिस ठेकदार को मिला है, उसका सुपरवाइजर बीमार हो गया है। इससे काम अभी रूका हुआ है। अब समस्या यह है कि किस अधिकारी या प्रतिनिधि से शिकायत करें जो गलियों में इतना सुधार करवा दें अथवा एक गली में सड़क की ढलाई ही करवा दें ताकि लोग बिना चोटिल हुए आ-जा सकें। -रामकुमार यादव (पार्षद)

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