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गलियां एहसास करा रहीं, संगीतकारों का है मोहल्ला

गलियां एहसास करा रहीं, संगीतकारों का है मोहल्ला

क्या कहा, बहुत दिन हो गए आप को कबीरचौरा की गलियों से गुजरे तो जनाब किसी दिन समय निकालिए और हो आइए अपनी जानी पहचानी गली में। आप चाहे कबीर मठ वाले छोर से प्रवेश करें या प्रख्यात तबलावादक पं. सामता प्रसाद के घर तक पहुंचाने वाली गली की ओर से। प्रवेश करते ही ये गलियां आप को एहसास कराने लगेंगी कि आप संगीतकारों के मोहल्ले में आ गए हैं। 

हृदय योजना के तहत इस मोहल्ले के विकास करने के क्रम में गलियों के निर्माण में गड़बड़ी हाल के दिनों में चर्चा का विषय रही मगर अब ये गलियां नए कलेवर के साथ आप का स्वागत करेंगी। कलाकारों के इस मोहल्ले के सभी भवनों को एक रंग में रंगने का 60 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। चाहे पं. बड़े रामदास जी का आवास ‘सरस्वती भवन’ हो या पड़ोस में रहने वाले उनके शिष्य और जाने माने शास्त्रीय गायक पं. राजन-साजन मिश्र का आवास ‘स्वरांगना’ हो अथवा पं. कन्हैया लाल मिश्र का ‘गुरुकुल’, सभी एक रंग में रंगे जा चुके हैं। सफेद डिस्टम्पर से रंगे इन भवनों पर बादामी रंग की करीब तीन फुट चौड़ी पट्टी बनाई गई है। इन पट्टियों पर सरगम और संगीत के चिह्न अंकित किए गए हैं।

प्रख्यात तबलावादक पं. सामता प्रसाद मिश्र के आवास तक पहुंचाने वाली गली और पद्मविभूषण पं. किशन महाराज के आवास तक ले जाने वाली गली में रंग रोगन का काम जोरों पर है। इन दो गलियों को आपस में जोड़ने वाली गली, जिसमें दिवंगत नृत्यांगना सितारा देवी का आवास है, में रंग रोगन की शुरुआत हो चुकी है। शहरी विकास मंत्रालय के ‘डेवलपमेंट ऑफ हेरिटेज वॉक अराउंड कबीरचौरा एण्ड पिपलानी कटरा’ योजना के तहत दो करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से कई कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें नेमप्लेट व साइनेज, कूड़ेदान की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, प्रकाश और पार्किंग की व्यवस्था और वाल आर्ट शामिल है।

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  • Web Title:Realizing lanes musicians have mohalla