रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने पर प्रदर्शन
Varanasi News - वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पास महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में विरोध प्रदर्शन हुआ। पाल समिति ने कार्रवाई की मांग की। एडीएम और एसीपी ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि मूर्तियों का संरक्षण किया जाएगा। यह घटना मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्य के दौरान हुई।
वाराणसी, हिटी। मणिकर्णिका घाट स्थित तारकेश्वर महादेव मंदिर के पास महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को पाल समिति के पदाधिकारियों ने घाट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने रूपा फाउंडेशन तथा कार्यदायी संस्था अभियंत्रणम् पर कार्रवाई की मांग की। हंगामा बढ़ने की सूचना पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा और एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी मयफोर्स पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों को अधिकारियों ने समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। पाल समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर समेत देश के तमाम प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था।
आज काशी में ही उनकी मूर्ति तोड़ दी गई। उन्होंने कहा कि काशी में विकास के नाम पर धरोहरों को हटाना अनुचित है। सरकार को इस बारे में जिम्मेदार संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। घाट के स्थानीय लोगों ने कहा कि तारकेश्वर महादेव मंदिर के नीचे मढ़ी है। इसे छन्नन महाराज की मढ़ी भी कहते हैं। वहीं रानी अहिल्याईबाई की मूर्ति थी। प्राचीन मूर्तियां काशी की सांस्कृतिक पहचान हैं, ऐसे में जो भी विकास कार्य किया जा रहा है, उसमें इसका ख्याल रखना चाहिए कि धरोहरों और महापुरुषों की प्रतिमाओं को नुकसान न पहुंचे। एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पुनर्निर्माण परियोजना के तहत जर्जर भवनों और मलबे को हटाया जा रहा है। इसी दौरान जेसीबी से एक मंदिर का स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे लेकर पाल समाज के लोग नाराजगी जता रहे थे। उनसे बातचीत कर समझाया गया है। कार्यदायी एजेंसी को भी कार्य के दौरान विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर जिन मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया है, उनका संरक्षण कराया जाएगा। ये मूर्तियां निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा होंगी। 28 करोड़ का प्रोजेक्ट रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से बने प्रोजेक्ट के तहत मणिकर्णिका घाट पर आधुनिक शवदाह स्थल बनाया जा रहा है। डेढ़ साल पहले काम शुरू हुआ था। पहले यह कार्य ब्रिजटेक इन्फ्रा विजन लिमिटेड करती थी लेकिन दो माह पहले फाउंडेशन से विवाद पर उसने हाथ खींच लिये। पिछले दिनों अभियंत्रणम नामक कंपनी ने कार्य के दौरान बुलडोजर से यह मंदिर ध्वस्त कर दिया था। हालांकि फाउंडेशन पर पहले भी लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है।

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