
निजीकरण का टेंडर निकाला तो करेंगे जेल भरो आंदोलन
Varanasi News - फोटो बिजली विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का जारी है विरोध प्रदर्शन कंप्यूटर ऑपरेटरों को
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में लगातार आंदोलन चल रहा है। मंगलवार को विजली कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि लखनऊ में सभी प्रबन्ध निदेशक की मीटिंग संपन्न हुई है। इसमें उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का टेंडर निकालने की जल्दी में है। निजीकरण का टेंडर निकला तो प्रदेश के समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी ,जूनियर इंजीनियर और अभियंता इसके विरोध में सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ कर देंगे जिसका सारा उत्तरदायित्व पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन का होगा।
पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने मुम्बई में हुई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट के दौरान कहा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का आर एफ पी डॉक्यूमेंट पूरी तरह तैयार है। वक्ताओं ने कहा कि विभागीय कैश काउंटर पर फिनटेक कम्पनी के कर्मचारियों को लगाने का प्रयास लगातार अधिकारियों की ओर से जारी है जो गलत है। सभा को अंकुर पाण्डेय, शशि कुमार, पंकज कुमार, रितेश कुमार, सूरज रावत,ब्रिजेश कुमार, मनोज यादव,सरोज भूषण,अलका कुमारी, पूजा कुमारी,धनपाल सिंह,राजेन्द्र सिंह, जितेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार आदि रहे।

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