
मौत की सिरप- शुभम और अन्य आरोपी घोषित होंगे भगोड़ा
Varanasi News - वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और अन्य आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया जाएगा। पुलिस एनबीडब्ल्यू प्रक्रिया अपनाएगी और संपत्ति कुर्क करेगी। शुभम पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मामले में 28 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में फरार चल रहे मास्टर माइंड शुभम जायसवाल और अन्य आरोपियों को जल्द भगोड़ा घोषित किया जाएगा। इसके लिए कोतवाली पुलिस एनबीडब्ल्यू (नॉन-बेल वॉरंट) की प्रक्रिया अपनाएगी और इसके बाद संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी के अध्यक्ष डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि शुभम के खिलाफ कोर्ट में गैर-जमानती वारंट जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। शुभम जायसवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। ड्रग विभाग ने बीते 15 नवंबर को कोतवाली थाने में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद सहित 28 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

विवेचना के क्रम में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और नारकोटिक्स एक्ट की धाराओं को भी मामले में शामिल किया गया। सोनभद्र पुलिस ने अपने क्षेत्र में दर्ज मुकदमे के तहत भोला प्रसाद को कोलकाता से गिरफ्तार किया था, जबकि वाराणसी पुलिस शुभम को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब शुभम की गिरफ्तारी या उसके कोर्ट में सरेंडर होने के लिए तैयारियों में जुटी है। इसके अलावा, भोला प्रसाद को कोतवाली पुलिस सोनभद्र से वारंट बी के तहत वाराणसी में पूछताछ के लिए लाएगी। वहीं, रोहनिया पुलिस ने भदवर में पकड़े गए 2 करोड़ रुपये के सिरप मामले में गाजियाबाद जेल में बंद सौरभ त्यागी और ट्रांसपोर्टर शिवा को वारंट बी के जरिए वाराणसी कोर्ट में पेश करने और पूछताछ करने की अर्जी दी है। सूजाबाद केस में बाप और बेटे की तलाश वाराणसी। सूजाबाद (रामनगर) में ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन की आड़ में गोदाम में छिपाकर रखे गए 60 लाख के अवैध कफ सिरप के मामले में आरोपी औसानगंज निवासी मनोज यादव और उसका बेटा लक्ष्य की पुलिस तलाश कर रही है। दोनों शहर छोड़कर भागे हुए हैं। इनके बिहार या कोलकाता में छिपे होने की आशंका है। रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह ने बताया कि बीते 19 नवंबर को जिम के नीचे बने गोदाम से पुलिस ने दो करोड़ रुपये की कफ सिरप पकड़ी थी। प्रकरण में भवन स्वामी काशीपुर के प्रधान का पति महेश सिंह अब तक फरार है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित हो चुका है। उसके खिलाफ कोर्ट में एनबीडब्ल्यू के लिए अर्जी भी दे दी गई है। फर्जी कम्पनियां बनाकर तस्करी में दो गिरफ्तार लखनऊ, विशेष संवाददाता एसटीएफ ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में गुरुवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सहारनपुर के रहने वाले दोनों आरोपी अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा सगे भाई हैं। इन दोनों ने मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के कहने पर 80 से अधिक फर्जी फर्में बनाई, फिर फर्जी ई-बिल के जरिए पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तक उसकी सप्लाई की। पूछताछ में अभिषेक ने वर्ष 2019 से विशाल और विभोर राणा की जीआर ट्रेडिंग दवा फर्म में काम करता था। विभोर व विशाल एबॉट कम्पनी की अन्य दवाओं के साथ फेंसेडिल सिरप मंगाते थे। फिर फर्जी फर्म के जरिए बिक्री दिखा नशे में इस्तेमाल करने के लिए सप्लाई करते थे। यह तस्करी बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक होती थी। फर्जी फर्म बनाने का काम सीए अरुण सिंघल करता था। अरुण ने उनके कर्मचारी बिट्टू और सचिन के नाम सचिन मेडिकोज फर्म सहारनपुर में, इसी नाम से दूसरी फर्म भगवानपुर रुड़की में बनाई थी। गिरोह को मजबूत करते हुए फर्जी पर फर्जी कम्पनियां बनाते रहे तस्कर लखनऊ। कफ सिरप की तस्करी में लगे इस गिरोह का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अपने साथियों के साथ गिरोह को मजबूत करता रहा। लोगों को जोड़ने के साथ ही वह फर्जी दस्तावेजों से कम्पनी पर कम्पनी बनाता रहा। फिर इन कम्पनियों के नाम से ही फर्जी ई-बिल बनाकर कागजों पर सप्लाई दिखाकर तस्करी करने में लगा रहा। सीतापुर में निरस्त की जा चुकी दो मेडिकल फर्मों के नाम से भी इन लोगों ने फर्जी बिल बना डाले। ऐसे कई राज दोनों आरोपी भाइयों अभिषेक और शुभम शर्मा ने एसटीएफ के सामने खोले। आरोपी अभिषेक ने बताया कि विभोर ने दिल्ली में एक फर्म एवी फार्मास्यूटिकल्स पप्पन यादव के साझे में बनवाई थी। इसका सारा काम विभोर और विशाल के कहने पर उनके साथी सौरभ त्यागी व पप्पन यादव देखा करते थे। विभोर मारुति मेडिकोज के जरिए जितनी फेन्सेडिल सिरप मंगाता था, उसे रुड़की में रह रहा दीपक राणा संदीप शर्मा व देहरादून के मेघराज एंड संस तथा पार्थ मेडिकोज समेत 80 से अधिक फर्जी फर्मों से बिक्री में दिखा देता था। सौरभ के जरिए विभोर और विशाल आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ में फर्जी बिल बनवाकर मालदा वेस्ट बंगाल, त्रिपुरा आदि के रास्ते से चोरी से बांग्लादेश भेज देते थे। कोडीन कफ सिरप प्रकरण : आसिफ बोला, मेरा आरोपियों से कोई वास्ता नहीं मेरठ/किठौर। हिटी कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए मेरठ के आसिफ ने किसी भी आरोपी से अपना कोई परिचय होने की बात से इनकार किया है। दुबई से फोन पर बातचीत में आसिफ ने बताया कि वह 2007 से खाड़ी देशों में काम कर रहा है और 2016 से 2020 तक ही भारत में रहा। भारत में ट्रांसपोर्ट का काम ठीक नहीं चला तो वह 2020 में सऊदी लौट गया और वर्तमान में प्रॉपर्टी व रेस्टोरेंट का कारोबार कर रहा है। आसिफ ने कहा कि आरोपियों से उसका कोई संपर्क नहीं है और इसी आधार पर हाईकोर्ट ने भी अरेस्ट स्टे दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता पुलिस ने किस आधार पर उनका नाम केस में जोड़ा है।

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