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शीशे के चैम्बर में उबल रहे डायरिया, बुखार के मरीज

जिला अस्पताल के शीशे के चैम्बर वाले इस वार्ड में मरीजों का गर्मी और उमस के बीच हो रहा इलाज

डायरिया, बुखार, पेट दर्द जैसे मर्ज से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में राहत पाने और चंगा होने की उम्मीद लिए पहुंचते हैं मगर उनका यहां शीशे के चैंबर में इलाज से हालत सुधरने की जगह बिगड़ जा रही है। 43-44 डिग्री वाली गर्मी के बीच दहकते वार्ड की घुटन से परेशान अनेक मरीजे गैलरी और बरामदे की शरण ले रहे हैं। मंगलवार को कई मरीज बेड छोड़ गैलरी व बरामदे में लेटे दिखे। अस्पताल प्रशासन दूसरे वार्डों में शिफ्ट करने संबंधी इनकी अपील को भी अनसुना कर रहा है। 

अस्पताल के प्रथम तल पर बने 54 बेड के मेडिकल वार्ड में इन दिनों मरीज भर्ती नहीं होना चाहते हैं। उनके परिजनों का कहना है कि शीशा होने के कारण वार्ड में उमस से बैठना मुश्किल हो जाता है। पंखा भी बेअसर है। इसकी शिकायत करने पर डॉक्टर या नर्स दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कहते हैं। वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज के परिजन ने बताया कि घर पास में है। इसलिएअपने मरीज को रात में घर लेकर चला जाता हूं। सुबह आ जाता हूं। 

पूर्णत: वातानुकूलित करने की है योजना 
गर्मी के दौरान हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए वार्ड को पूर्णतया वातानुकूलित बनाने की योजना थी लेकिन अब तक इस दिशा में पहल नहीं दिखी है। वार्ड में पहले से जगह-जगह लगी एसी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। 

अस्पताल उच्चीकरण के दौरान उस वार्ड को ऐसा बनाया गया था। उस दौरान एसी भी लगी थी मगर मेनटेनेंस न होने से वे खराब हो गईं। वार्ड को सेंट्रलाइज्ड एसी करने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। 
डॉ. आरपी कुशवाहा, सीएमएस जिला अस्पताल  

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  • Web Title:Patients getting treatment in glass chamber ward of district hospital