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सुबह-ए-बनारस: ‘डगर बीच कैसे चलूं’

सुबह ए बनारस

सुबह-ए-बनारस में गुरुवार को दिव्यांशी पांडेय का गायन हुआ। पं. देवाशीष डे की शिष्या दिव्यांशी ने गायन का आरंभ राग भैरव में  निबद्ध रचना ‘शशिधर तिलक भाल’ से किया। फिर द्रुत तीनताल में निबद्ध रचना ‘जागो नंदलाल प्यारे’ और भजन ‘पिया बिन सुनो’ सुनाया। गायन का समापन दादरा से किया, बोल थे ‘डगर बीच कैसे चलूं’। तबले पर कृष्णकुमार उपाध्याय एवं हारमोनियम पर मानस परीडा ने संगत किया। कलाकार को प्रमाणपत्र अर्चना अग्रवाल ने प्रदान किया। संचालन डा. प्रीतेश आचार्य ने किया।

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  • Web Title: Organizing cultural program on ghat