बोले काशी- सड़ांध के साथ सुबह की शुरुआत डर के साये में गुजरती है पूरी रात

Feb 05, 2026 06:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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Varanasi News - वाराणसी के निराला नगर कॉलोनी में सीवर और पानी की गंभीर समस्याएं हैं। लेन-6 के निवासी गंदगी, घुटने तक गंदे पानी और अराजक तत्वों से परेशान हैं। पुरानी पाइपलाइन में लीकेज और सीवर प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है। 

बोले काशी- सड़ांध के साथ सुबह की शुरुआत डर के साये में गुजरती है पूरी रात

वाराणसी। नगर निगम से चंद कदम दूर बसी है निराला नगर कॉलोनी। कई लेन हैं यहां, सभी में दो हजार से चार हजार के बीच आबादी। पिछले एक-डेढ़ दशक से लेन-6 के बाशिंदों की सुबह की शुरुआत सीवर की सड़ांध से शुरू होती है, अराजक तत्वों के चलते रात डर के साये में गुजरती है। गंदगी, बरसात में घुटने तक गंदे पानी का जमाव स्थायी समस्या है। सुबह-शाम प्रदूषित जलापूर्ति का गंभीर संकट। गलियों के पत्थर चौका ऊबड़-खाबड़ हो चुके हैं। छुट्टा पशुओं और बंदरों के चलते दिनचर्या असहज रहती है। शिवपुरवा स्थित निराला नगर कॉलोनी की लेन नं-6 में लगभग 35 सौ की आबादी रहती है।

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कामकाजी, व्यापारी और मेहनतकशों की रिहाइश अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत के दौरान हीरालाल बिंद, शशिकांत चौबे ने बताया कि इस लेन के साथ दूसरी लेन की भी सबसे बड़ी समस्या सीवर और पेयजल से जुड़ी है। लगभग दो दशक पुरानी पेयजल की पाइप लाइन में कई जगह लीकेज हो रहा है। घरों तक प्रदूषित पानी की आपूर्ति की पुरानी शिकायत है। वहीं, अब तक नाले से सीवर निस्तारण का इंतजाम भी दम तोड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त हो चली है। जब बिछी तब, आबादी कम थी। इतना लोड नहीं था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं, मगर सीवरेज सिस्टम पुराना ही है। इस नाते मलजल सड़क पर बहता है। गंदगी और सड़ांध हर दिन की समस्या है। मनोज बिंद बोले, बारिश के दिनों में घुटनों तक सीवर का पानी गलियों में आवागमन बाधित कर देता है। सरोज विश्वकर्मा, आशा जायसवाल, आरती सिंह बोलीं, कई बार नगर निगम और जलकल को सीवर-पानी की समस्याओं की जानकारी दी गई, ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक समाधान की पहल नहीं हुई है। पत्थर चौका बने मुसीबत : रामलाल विश्वकर्मा के मुताबिक कॉलोनी की लगभग सभी लेन में बिछे पत्थर चौका उखड़ गए हैं। उस पर से कहीं सीवर के पानी का जमाव तो बरसात में कीचड़ और जलजमाव। पायल सिंह और संगम मिश्रा ने कहा, पत्थरों पर जमी काई से फिसलन हो जाती है। तब पैदल चलना भी कठिन रहता है। उन्होंने जोर दिया कि अब पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। नई सीवर लाइन की दरकार: सारिका राय, आराधना मिश्रा ने ध्यान दिलाया कि कॉलोनी में सीवर निस्तारण की व्यवस्था फेल है। मेन सीवर लाइन न होने के कारण सीवर को नाले से जोड़ दिया गया है। यह अस्थायी व्यवस्था अब स्थायी समस्या बन गई है। जगह-जगह नाले के ढक्कन टूट चुके हैं। इससे चारों ओर असहनीय दुर्गंध फैलती है। अंकिता आचार्य, उर्मिला पटेल के मुताबिक यह नाला घरों के ठीक बगल से गुजरता है। 24 घंटे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया है। नाले के पत्थर टूटने से रात में राहगीरों और मवेशियों के गिरने का डर रहता है। पानी का पाइप हुआ पुराना: लालमति देवी और हरिद्वार सिंह यादव के मुताबिक लगभग 15 वर्ष पहले बिछी पानी की पाइप लाइन अब जर्जर हो चुकी है। उसके सीवर के संपर्क में आने के कारण घरों में आने वाला पानी पीने लायक नहीं रहता। सोनू, अभिषेक कुमार ने बताया कि पुरान पाइप में जगह-जगह लीकेज है। बिजली के खंभों की जरूरत रुद्राणी बिंद ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर बात की। बोलीं, कॉलोनी में बिजली के खंभों का अभाव है, तार जगह-जगह लटक रहे हैं। वे घरों की छतों और खिड़कियों के इतने करीब हैं कि हर समय हादसे का खतरा रहता है। उनमें शाॅर्ट सर्किट भी होता रहता है। सीमा गुप्ता, अंजलि राय और इंदु गुप्ता ने कहा कि आबादी बढ़ने के बावजूद बिजली विभाग ने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई सुधार नहीं किया। अराजक तत्वों के हौसले बुलंद खुशबू यादव, छाया देवी ने बताया कि यहां की गलियों में और चाय-पान की दुकानों पर अराजक तत्वों का जमावड़ा सिरदर्द बन गया है। वे छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। बिंदु देवी बोलीं कि पुलिस की सक्रियता न होने के कारण इन शोहदों के हौसले बुलंद हैं। रानी श्रीवास्तव ने बताया, स्कूल के समय उनकी सक्रियता बढ़ जाती है। छुट्टा पशुओं और बंदरों का डेरा ज्ञानजी देवी, अनिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि सहां आवारा पशु और बंदर मुसीबत बन गए हैं। कॉलोनी की हर गली में और सड़क पर सांड़, गाय मिल जाएंगे। दीनानाथ चौबे बोले, बंदरों के चलते लोगों का छतों और बालकनी में जाना लगभग बंद हो गया है। वे आए दिन घरों के कीमती सामान, कपड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं का अकेले बाहर निकलना मुश्किल है। सुझाव 1. पुराने पाइप की जगह अधिक क्षमता वाली नई सीवर लाइन बिछाई जाए। उसे किसी नाले की बजाए मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा जाय। 2. पानी की जर्जर पाइप लाइन बदली जाए। नियमित अंतराल पर जल की शुद्धता की जांच भी हो। 3. कॉलोनी की गलियों से पुराने पत्थर चौका हटाकर आरसीसी सड़क का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए। 4. पर्याप्त संख्या में बिजली के नए खंभे लगाए जाएं। खुले तारों की जगह बंच कंडक्टर लगे ताकि शॉर्ट सर्किट और हादसे रुकें। 5. कॉलोनी में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग हो। बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चले। शिकायत 1. बीस साल पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त हो चुकी है। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। 2. पानी की 15 साल पुरानी पाइप लाइन से प्रदूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। उसका लोग इस्तेमाल नहीं कर पाते। 3. कॉलोनी में बिछे पत्थर चौकों पर खासकर बरसात में आवाजाही मुश्किल हो जाती है। 4. कॉलोनी में बिजली के खंभों की कमी है। जगह-जगह एचटी तार खतरनाक तरीके से नीचे लटक रहे हैं। 5. कॉलोनी में दिन में भी अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। आवारा पशुओं/बंदरों ने निवासियों का जीना दूभर कर रखा है। कॉलोनी में इसी माह से बिछेगी सीवर लाइन इसी माह निराला नगर कॉलोनी लेन नं-6 में सीवर लाइन का काम शुरू हो जाएगा। सीवर लाइन बिछने के बाद इंटरलॉकिंग सड़क बनेगी। इसके अलावा जलापूर्ति और बिजली से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान प्रमुखता से कराएंगे। -सौरभ श्रीवास्तव, विधायक-कैंट विधानसभा क्षेत्र। विकास की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है निराला नगर कॉलोनी के लेन नं-6 में जल्द ही जलनिकासी, जलापूर्ति की नई पाइप लाइन बिछेगी। सड़क भी बनेगी। कुछ लेन में सड़क निर्माण पहले से चल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के साथ सभी गलियों के विकास की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। - इंदिरा रानी, पार्षद, शिवपुरवा वार्ड (नं- 10)

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