जगत कल्याणार्थ अग्नि में डालीं आहुतियां
Varanasi News - वाराणसी में विश्व कल्याणार्थ नौ दिवसीय श्रीचंडी महायज्ञ का छठा दिन मनाया गया। दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर में दुर्गाशप्तशती के मंत्रों से हवन किया गया। यज्ञ का उद्देश्य नकारात्मक ऊर्जा, शत्रुओं और रोगों से मुक्ति तथा मानव सुख-समृद्धि की कामना करना था। भजन गायकों ने भी प्रस्तुति दी।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। विश्व कल्याणार्थ किए जा रहे नौ दिवसीय श्रीचंडी महायज्ञ के छठे दिन सोमवार को दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर में दुर्गाशप्तशती के मंत्रों से हवन कुंड में आहुतियां डाली गईं। यज्ञ से नकारात्मक ऊर्जा, शत्रुओं और असाध्य रोगों से मुक्ति तथा मानव के सुख-समृद्धि की कामना की गई। यज्ञ संकल्पकर्ता पं.रमेश दुबे ने बताया कि देवी दुर्गा दानवों तथा पापियों का नाश करने वाली देवी हैं। वैदिक युग में ये ऋषि-मुनियों को कष्ट देने वाले दानवों को अपने तेज से ही नष्ट कर देती थीं। सांसारिक स्वरूप में यह सिंह पर सवार चार भुजाओं वाली सुसज्जित आभामंडल युक्त देवी हैं।
शाम को कथा के बाद भजन गायकों ने भजनों की प्रस्तुति दी। मंगलोर की सात वर्षीय बालिका श्रीदुला का तबला वादन विशेष रहा। शिवम दुबे, नीरज उपाध्याय, निशांत कुमार, संजय अग्रहरि, रिशु गिरि आदि ने आयोजन में सहयोग किया।

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