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फिर समय बतायेगी सूर्य घड़ी

फिर समय बतायेगी सूर्य घड़ी

आयकर भवन परिसर में लगी सूर्य घड़ी लंबे समय बाद फिर समय बतायेगी। शुक्रवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने सूर्य घड़ी का लोकार्पण किया। बनारस की धरोहर में शुमार सूर्य घड़ी वर्ष 1784 में स्थापित हुई थी। सूर्य घड़ी लंबे अर्से से उपेक्षित थी। वाराणसी विकास प्राधिकरण और इंटैक संस्था ने मिलकर इसे फिर से चालू करने का निर्णय लिया। वैसे, आसपास नये भवनों के बनने से इस पर सूर्य की किरणें पूरे समय नहीं पड़तीं। इसलिए इस घड़ी मदद से सही समय की जानकारी मुश्किल होगी। इंटेक वाराणसी चैप्टर के संयोजक अशोक कपूर ने बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर में काशी की पांच महत्वपूर्ण धरोहरों के संरक्षण की कार्ययोजना बनी थी। उनमें सूर्य घड़ी का संरक्षण प्रमुख था। इसके बाद गोलागली स्थित पंचकोशी मंदिर, विश्वनाथ मंदिर से एनामिल पेंट छुड़ाने का काम होगा। नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि धरोहरों के संरक्षण से काशी की प्राचीनता को बनाये रखने में मदद मिलेगी। अपर आयकर आयुक्त जांच डॉ. अभय ठाकुर ने कहा कि बनारस में सूर्य घड़ी ऐतिहासिक है और इसे संजोये रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सूर्य घड़ी के बगल के अविकसित उद्यान को यदि हेरिटेज उद्यान के रूप में विकसित किया जाय तो आयकर विभाग इसमें पूरा सहयोग करेगा। पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त व इंटेक वाराणसी चैप्टर के सलाहकार डॉ.ओपी केजरीवाल ने कहा कि जेम्स प्रिंसेप ने जिस प्रकार बनारस के विकास की रूपरेखा तैयार की थी, आज हमें उसी स्वरूप को प्राप्त करने का काम करना होगा। इस मौके पर वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे, उमेश पाठक, अरविंद कुमार, रंजन द्विवेदी, अशोक गुप्ता, पद्मश्री एस सुपाकर, आरसी जैन, मुदिता अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन अशोक कपूर ने दिया।

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  • Web Title:Next time will tell the sun clock