Hindi NewsUttar-pradesh NewsVaranasi NewsNew Rice Varieties Developed at BHU Gain Popularity Among Farmers
कुलपति ने देखी बीएचयू में विकसित चावल की नई किस्में

कुलपति ने देखी बीएचयू में विकसित चावल की नई किस्में

संक्षेप: Varanasi News - बीएचयू में चावल की नई किस्मों के विकास पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने जानकारी ली। कृषि विज्ञान संस्थान के अंतर्गत 14 धान की किस्मों का परीक्षण चल रहा है। हाल ही में विकसित मालवीय मनीला सिंचित...

Fri, 24 Oct 2025 08:39 PMNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
share Share
Follow Us on

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू में विकसित हो रही चावल की नई किस्मों के बारे में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शुक्रवार को जानकारी ली। कृषि विज्ञान संस्थान के आनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग के अंतर्गत चावल प्रजनन अनुसंधान प्रक्षेत्र का कुलपति ने भ्रमण किया। विभागाध्यक्ष प्रो. श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि बीएचयू की 14 धान की किस्मों का आईसीएआर द्वारा देशभर में परीक्षण चल रहा है। तीन का परीक्षण अंतिम चरण में है। यह चावल प्रजनन अनुसंधान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय चावल की किस्में विकसित करने के लिए जाना जाता है। हाल ही में विकसित और रिलीज की गई किस्म ‘मालवीय मनीला सिंचित धान-1’ अपने उत्कृष्ट गुणों के कारण किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।

यह किस्म रोपाई विधि और सीधी बुवाई विधि (डीएसआर) दोनों में बेहतर प्रदर्शन करती है। डीएसआर विधि में यह 105 दिनों में और रोपाई विधि में 115–118 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उपज क्षमता 55-60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और इसका दाना पतला, लंबा और उच्च गुणवत्ता वाला है। यह किस्म बीएचयू एवं अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) फिलीपींस के वाराणसी केंद्र और हैदराबाद केंद्रों के संयुक्त सहयोग से विकसित की गई है। भ्रमण के दौरान प्रो. सिंह ने कुलपति को बीएचयू द्वारा विकसित की गई विभिन्न चावल की लोकप्रिय किस्में दिखाईं। कुलपति ने आगामी रिलीज होने वाली नई किस्मों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। बीएचयू ने कई नई किस्में परीक्षण के लिए तैयार की हैं, जिनमें ‘मालवीय सोना धान’ और ‘मालवीय आदम चीनी’ प्रमुख हैं। कुलपति ने पूरी टीम की सराहना की। इस दौरान कृषि विज्ञान संकाय प्रमुख और प्रभारी निदेशक प्रो. यूपी सिंह, कृषि प्रक्षेत्र के आचार्य प्रभारी प्रो. मनोज कुमार सिंह, चावल अनुसंधान पर काम कर रहे प्रो. भूषण कुमार सिंह, वैज्ञानिक डॉ. कुमारी शिखा, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. पांडुरंग अरसोड भगवान और शोधार्थी अंजुला कृष्णा, प्रस्तुति भट्टाचार्या, प्रशांत कुमार शर्मा, ऋतिक बिसाने, लोपामुद्रा, मिताली श्रीवास्तव मौजूद रहे।