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26 अक्तूबर, 2020|11:24|IST

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नया दौर : बनारसी साड़ी का भी डिजिटल अवतार, कभी तस्वीर लेने पर भी रोक थी

वाराणसी में कोरोना संकटकाल में कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बनारसी साड़ी एवं सिल्क उत्पादों के कारोबारियों ने भी डिजिटल मार्केटिंग शुरू कर दी है। अपने प्रतिष्ठानों, दुकानों पर उन्होंने हेल्प डेस्क शुरू करने के साथ ई-मार्केटिंग मैनेजर भी नियुक्त किया है। सोशल मीडिया के फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म पर साड़ियों और सिल्क के अन्य उत्पादों की आकर्षक व विशिष्ट डिजाइनें अपलोड की जा रही हैं। इसके चलते डिजिटल मार्केटिंग के डिग्रीधारक युवाओं के लिए भी अवसर बढ़ चले हैं। 

कोरोना संक्रमणकाल में ऑनलाइन मार्केटिंग बड़ी उम्मीद लेकर आई है। इसके फायदे को देखते हुए साड़ी कारोबारी भी उसमें रुचि दिखाने लगे हैं। पहले वाट्सएप से सीमित फोटो भेजकर साड़ियों की मार्केटिंग की जाती थी। अब उसका दायरा बढ़ गया है। कुछ साड़ी कारोबारियों ने गद्दियों व प्रतिष्ठानों पर ऑनलाइन डेस्क बनाया है। वहां तैनात स्टाफ को बनारसी सिल्क साड़ियों व सिल्क उत्पादों की रेंज, डिजाइन अपलोड करके ग्राहकों से ऑर्डर लेने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कुछ कारोबारी ऑनलाइन मार्केटिंग के विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। इसके लिए उन्हें फीस भी दी जा रही है। 

ऑनलाइन मार्केटिंग में सिल्क साड़ी के अलावा दुपट्टा, सूट, होम फर्नीशिंग उत्पाद (टेबुल मैट, कुशन कवर, मसनद के कवर आदि) शामिल हैं। साड़ी कारोबारी अपने उत्पादों के कंटेंट खुद या अपने ई-मार्केटिंग मैनेजर से फेसबुक, इंस्टाग्राम पर अपलोड कराते हैं। इनमें फैब्रिक की क्वालिटी, खासियत, उपलब्ध रंग व डिजाइनों की जानकारी होती है। 

दस गुना बढ़ा दायरा 
डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ वृंदा गोठी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन मार्केटिंग का दायरा दस गुना बढ़ गया है। हर कारोबारी अपने ग्राहक के डिजिटल संपर्क में रहना चाहता है।  

बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के सदस्य अभिनव बहल, रजत पाठक ने बताया कि घरेलू बाजार में भी वाट्सएप के माध्यम से साड़ी कोराबार तेजी से बढ़ा है। भविष्य में इसका विस्तार होना तय है। साड़ी कारोबारी विशाल यादव ने कहा कि समय के साथ बदलने के लिए साड़ी कारोबार का भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आना जरूरी है। 

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  • Web Title:New era digital avatar of Banarasi saree was also banned from taking photographs