डूबने से मौत नहीं, पीट कर की गई थी हत्या
बड़ागांव के कुंभापुर गांव में 11 फरवरी को अवतार राजभर की लाश तालाब किनारे मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या का मामला दर्ज हुआ। अवतार और निलेश यादव के बीच पूर्व में विवाद था, और निलेश पर हत्या का शक है।

बड़ागांव (वाराणसी), संवाद। कुंभापुर गांव में 11 फरवरी को अवतार राजभर उर्फ फत्ते की लाश तालाब किनारे मिली थी। तब आशंका जताई गई थी कि उसकी मौत डूबने से हुई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। इस आधार पर भाई जंजीर राजभर की तहरीर पर बड़ागांव पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। अवतार राजभर गांव के ही निलेश यादव के तालाब की रखवाली करता था। निलेश तालाब में मछली पालन करता है। बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी मौत तालाब में डूबने से नहीं, बल्कि चोट लगने और ज्यादा खून बहने के कारण हुई।
रिपोर्ट से यह भी पता चला कि उसके हाथ में चोट थी और सीने से गर्दन तक की कई हड्डियां टूट गई थीं। बड़े भाई ने आशंका जताई कि लोगों ने अवतार की हत्या कर लाश तालाब किनारे फेंक दी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि निलेश यादव जो बड़ागांव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कई मुकदमे हैं। वह इस समय जिला बदर है। आरंभिक छानबीन में सामने आया है कि निलेश और अवतार राजभर में पूर्व में विवाद था। अवतार राजभर एक मामले में जेल में निरुद्ध था। तब उसकी जमानत कराने के लिए निलेश ने 50 हजार रुपये उसके परिजनों को दिए। हालांकि बिना किसी पैरवी के ही कोर्ट से अवतार को सामान्य क्रम में जमानत मिल गई। जब अवतार और उसके परिजन निलेश से पैसा मांगने लगे, तब वह आना-कानी करने लगा। किसी तरह तैयार हुआ तो तालाब की रखवाली के तौर पर काम पर रखने की बात कही। इसीलिए उसने तालाब में मछली पालन के बाद अवतार को रखवाली के तौर पर छह हजार रुपये प्रति माह पर रखा था। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन कर रही है।


